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बंद प्रजातांत्रिक अधिकार’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बंद करवाना प्रजातंत्र में विरोध करने का तरीका है जिस पर कोर्ट कुछ नहीं कर सकता। यह टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में बुधवार को बंद बुलाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस बालाकृष्णन, पी सथाशिवम और जेएम पांचाल की पीठ ने कहा कि याचिका पर सुनवाई 16 फरवरी को होनी तय है इसलिए अभी सुनवाई नहीं होगी। याचिका चैन्नई के जेएस सतीश ने दायर की है। उन्होंने कहा कि बंद अवैध घोषित हो क्योंकि इससे आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। बंद का आह्वान पीएमके, भाजपा तथा अन्य दलों ने श्रीलंका में तमिलों के संरक्षण को लेकर किया है। पीठ ने यह तर्क ठुकरा दिया कि इससे पूर्व भी कोर्ट रामसेतु मुद्दे पर आयोजित बंद के खिलाफ आदेश पारित किया था। विसंड्ढr

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