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राठौड़ मामले में हर दिन होगी सुनवाई

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने गुरुवार को रुचिका गिरहोत्र छेड़छाड़ मामले में दोषी ठहराए गए हरियाणा के पूर्व पुलिस प्रमुख एस. पी. एस. राठौड़ की जमानत और समीक्षा याचिका पर हर रोज सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

गुरुवार को मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थिगित करने के दौरान न्यायालय ने कहा कि इस मामले की सुनवाई प्रतिदिन एक घंटे की जाएगी।

राठौड़ को चण्डीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायालय ने 1990 में रुचिका गिरहोत्र से छेड़छाड़ के मामले में 18 महीने की कैद की सजा सुनाई थी। छेड़छाड़ की घटना के तीन साल बाद रुचिका ने आत्महत्या कर ली थी। अदालत के फैसले के बाद राठौड़ को 25 जून को उच्च सुरक्षा वाली बुड़ैल जेल भेज दिया गया था।

गुरुवार को राठौड़ की पत्नी और वकील आभा राठौड़ ने न्यायाधीश जितेंद्र चौहान के समक्ष मामले के संबंध में विभिन्न तथ्य प्रस्तुत किए।

उन्होंने चण्डीगढ़ जिला एवं सत्र न्यायालय में मधु प्रकाश द्वारा दायर की गई समीक्षा याचिका पर भी सवाल खड़े किए।

मधु प्रकाश मामले में मुख्य शिकायतकर्ता आनंद प्रकाश की पत्नी और मामले की मुख्य गवाह आराधना की मां हैं। आराधना पीड़ित रुचिका गिरहोत्र की सहेली और घटना की प्रत्यक्षदर्शी हैं।

मामले के संबंध में दलील देते हुए आभा ने कहा, ‘‘मधु प्रकाश इस मामले में न तो शिकायतकर्ता हैं और न ही पीड़ित हैं इसलिए उनकी याचिका आधारहीन है और न्यायालय इस बात पर गौर करे।’’

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के वकील अजय कौशिक ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया, ‘‘राठौड़ की वकील आभा राठौड़ ने न्यायालय के सामने तथ्य प्रस्तुत किये, लेकिन हम उनका विरोध करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। मामले की कार्रवाई कल तक के लिए टाल दी गई है।’’

इससे पहले राठौड़ को सीबीआई की विशेष अदालत ने छह महीने की जेल और 1,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद उसे तुरंत जमानत मिल गई थी। राठौड़ ने जनवरी में इस फैसले को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की थी।

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