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जिला बना 13 साल पहले पर जेल नहीं बना

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में अभी भी धनराशि का अभाव दिखाकर बन्दियों के लिए जेल नहीं बन पाई है। लगभग 20 लाख की आबादी वाले बलरामपुर जिले के बंदी गुरुवार को भी गोण्डा जेल भेजे जा रहे हैं। बलरामपुर को 25 मई 1997 में गोण्डा से अलग कर जिला बनाया गया था। इसमें तुलसीपुर, उतरौला और बलरामपुर तहसील को शामिल किया गया। जिले में वर्तमान समय में नौ विकासखण्ड और 13 थाने हैं। यह जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण अत्यन्त संवेदनशील माना जाता है।

 आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि काफी प्रयास से जेल बनाने के लिए अवमुक्त 18 करोड़ रुपए से उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने जेल का निर्माण कार्य शुरु कराया और इसे पूरा करने के लिए लगभग 13 करोड़ रुपए अतिरिक्त मांगे जो अभी तक विचाराधीन हैं।

 गोण्डा जेल में बलरामपुर जिले के सभी थाना क्षेत्रों के आरोपियों विचाराधीन व सजायाफ्ता कैदियों को रखा जा रहा है। वर्तमान में गोण्डा जेल में बलरामपुर जिले के लगभग 400 बंदी हैं। इसमें सजायाफ्ता एक सौ पुरुष व तीन महिला हैं। दोनों जिलों के लगभग 1300 बंदी इस समय गोण्डा जेल में निरुद्ध हैं जबकि गोण्डा जेल की क्षमता केवल 600 बंदियों को रखने की है।

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