DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पारंपरिक फिल्म नहीं है 'खट्टा मीठा' : तृषा

पारंपरिक फिल्म नहीं है 'खट्टा मीठा' : तृषा

फिल्मकार प्रियदर्शन की फिल्म 'खट्टा मीठा' से बॉलीवुड में कदम रखने जा रही दक्षिणभारतीय अभिनेत्री तृषा कृष्णन कहती हैं कि यह पारंपरिक फिल्म नहीं है और इसमें वह पेड़ों के इर्द-गिर्द थिरकती नहीं दिखेंगी।

तृषा ने कहा कि यह मेरी पहली हिंदी फिल्म है और मैं यह उम्मीद नहीं कर सकती कि इसमें वह सब कुछ होगा जो मुझे पसंद है। यकीनी तौर पर यह एक ऐसी फिल्म नहीं है जिसमें मैं पेड़ों के इर्द-गिर्द थिरकती दिखूं लेकिन शुरुआत के लिए यह फिल्म बहुत अच्छी है और प्रियदर्शन ने मुझे बहुत अच्छे ढंग से पेश किया है।

अभिनेता अक्षय कुमार की मुख्य भूमिका वाली 'खट्टा मीठा' 1988 में आई एक मलयालम फिल्म 'वेलानाकालुडी नाडु' की रीमेक है। मलयालम फिल्म में सुपरस्टार मोहनलाल ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

तृषा कहती हैं कि यह एक बहुत पुरानी फिल्म की रीमेक है। मैं ज्यादा कुछ नहीं बता सकती, यह एक प्रेम कहानी है लेकिन फिल्म में अक्षय की कॉमेडी को प्रमुखता से दिखाया गया है। मुझे लगता है कि इन दिनों दर्शक एक अर्थपूर्ण फिल्म देखना चाहते हैं।

फिल्म की कहानी एक संघर्षरत सड़क निर्माण ठेकेदार सचिन तिचकुले (अक्षय कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है। सचिन बड़े-बड़े सपने देखते हैं लेकिन ये सपने कभी पूरे नहीं होते क्योंकि उनके पास रिश्वत देने के लिए पैसे नहीं होते। कहानी में सचिन की पूर्व महिला मित्र (तृषा) नई नगरनिगम आयुक्त होती हैं।

तृषा को दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी प्रियदर्शन ने ही पेश किया था। उन्होंने 'ल्यासा ल्यासा' (2002) से अभिनय की शुरुआत की थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पारंपरिक फिल्म नहीं है 'खट्टा मीठा' : तृषा