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शराब की सभी दुकाने बंद

देश के प्रमुख औद्योगिक राज्य झारखंड में शराब व्यवसायियों ने मूल्य वर्धित कर वैट लगाने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ गुरूवार से अनूठी मुहिम शुरू करते हुए अपने लाइसेंस वापस कर सभी दुकाने अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी।

राज्य के करीब 1500 रिटेल लाइसेंस धारकों ने वैट को अविलंब समाप्त करने की मांग करते हुए अपने लाइसेंस उत्पाद विभाग को लौटा दिए। राष्ट्रपति शासन के तहत चल रहे इस राज्य में राज्यपाल की सलाहकार परिषद ने गत 22 जून को शराब पर वैट लगाने का निर्णय लिया था। इससे शराब पर प्रथम बिंदु पर 50 प्रतिशत कर लिए जाने की पुरानी प्रणाली की जगह पर बिक्री के प्रत्येक चरण पर बढ़े हुए मूल्य पर 50 प्रतिशत टैक्स लिए जाने का प्रावधान है।

जमशेदपुर वाइन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभाकर सिंह ने बताया कि सभी छोटी बड़ी दुकानों और बार में आज से शराब की बिक्री बंद हो जाएगी। उन्होंने बताया कि वैट के कारण पड़ोसी राज्यों बंगाल और बिहार की तुलना में झारखंड में शराब काफी महंगी हो जाएगी जिससे तस्करी बढ़ जाएगी। नकली शराब की बिक्री भी तेज होगी। खपत में गिरावट से हजारो छोटे व्यवसायी तो प्रभावित होंगे ही उत्पाद एवं वाणिज्य कर के रूप में राज्य सरकार को राजस्व का भी नुकसान होगा। केवल नौ माह पहले ही शराब पर टैक्स बढा़या गया था जिससे राज्य सरकार को इस व्यवसाय से मिलने वाले बिक्री कर की राशि वर्ष 2008-09 के 49 करोड़ रूपए की तुलना में बढ. कर 2009-10 में 112 करोड़ रू हो गई थी। सरकार अविलंब वैट को वापस ले। ऐसा नहीं होने तक हमारा विरोध जारी रहेगा।

ज्ञात है कि राज्य में शराब की सालाना बिक्री से लगभग 800 करोड़ रूपए की आय होती है। इसमें बीयर तथा देशी शराब की बिक्री के आंकड़ें शामिल नहीं हैं।

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