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जिंदगी बदलने का माद्दा नहीं रखती फिल्में : साजिद

जिंदगी बदलने का माद्दा नहीं रखती फिल्में : साजिद

'हे बेबी' और 'हाउसफुल' जैसी कॉमेडी फिल्में बनाने वाले निर्देशक साजिद खान का मानना है कि फिल्में सिर्फ मनोरंजन के लिए ही होती हैं और उनमें लोगों की जिंदगी बदलने या समाज पर कोई असर डालने की ताकत नहीं होती।

साजिद ने कहा कि फिल्में हमारी जिंदगी को नहीं बदलतीं और न ही वे किसी चीज को बदलने के लिए बनाई जाती हैं। फिल्मों का एकमात्र उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन करना है। सिनेमा एक ऐसा जरिया है जो आपको अपनी चिंताओं को भुलाने में मदद करता है और आपके सामने एक ऐसी दुनिया पेश करता है जिसका हिस्सा आप कभी नहीं बन सकते।

साजिद के मुताबिक यही वजह है कि जबर्दस्त कामयाबी हासिल करने वाली फिल्में कोरी कल्पनाओं पर आधारित रही हैं। इस 39 वर्षीय फिल्म निर्देशक ने कहा दुनिया की सबसे जबर्दस्त हिट रही 'अवतार' दरअसल एक फंतासी फिल्म है। 'हैरी पॉटर' और 'स्पाइडरमैन' भी इसीलिए लोकप्रिय हुईं क्योंकि उन्होंने काल्पनिक संसार को हमारे सामने एक रखा।

उन्होंने कहा कि वह सिर्फ लोगों का मनोरंजन करने के लिए फिल्में बनाते हैं, फिल्म आलोचकों की सराहना पाने के लिए नहीं। साजिद ने कहा कुछ निर्माता खुद को और चंद आलोचकों को खुश करने के लिए फिल्म बनाते हैं इसलिए उन्हें समीक्षा में पांच सितारे मिलते हैं लेकिन वे फिल्में बॉक्स आफिस पर चल नहीं पातीं। मैं लोगों के लिए फिल्में बनाता हूं। मैं बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन करने वाली अच्छी फिल्म के बजाय अच्छा प्रदर्शन करने वाली खराब फिल्म बनाना पसंद करूंगा।

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  • Web Title:जिंदगी बदलने का माद्दा नहीं रखती फिल्में : साजिद