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पेले ने फिर छोड़े माराडोना पर शब्दबाण

पेले ने फिर छोड़े माराडोना पर शब्दबाण

ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले की अर्जेंटीनी कोच डियगो माराडोना के साथ शाब्दिक जंग जारी है। पेले का मानना है कि माराडोना ने जिस तरह की विवादों से भरी जिंदगी जी है उसे देखते हुए वह अच्छे कोच नहीं हो सकते।

इससे पहले विश्वकप के दौरान ही पेले ने कहा था कि माराडोना ने अर्जेंटीना का कोच पद केवल इसलिए संभाला क्योंकि उन्हें पैसे की दरकार थी। अब उन्होंने कहा कि माराडोना के पिछले कारनामों का टीम पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है जिसमें कोकीन की लत का इलाज कराना भी शामिल है।

विश्वकप में अब तक अपने सभी चारों मैच जीतने वाले अर्जेंटीना का सामना क्वार्टर फाइनल में जर्मनी से होगा। तीन बार विश्वकप विजेता टीम के सदस्य रहे पेले ने जर्मन पत्रिका 11 फ्रूंडे से कहा कि माराडोना अच्छा कोच नहीं है, क्योंकि उनकी जीवनशैली अजीबोगरीब रही है जिसका टीम पर अच्छा असर नहीं पड़ेगा।

इसके विपरीत 69 वर्षीय पेले को जर्मनी की युवा टीम पसंद है जिसने अंतिम सोलह के मैच में इंग्लैंड को 4-1 से करारी शिकस्त दी। उन्होंने कहा कि जर्मनी की इस युवा टीम को खेलते हुए देखने में मजा आता है।

उन्होंने कहा कि इससे साफ दिखता है कि जर्मन फुटबॉल में कुछ बदल गया है। इसकी शुरुआत यूरो 2008 (जर्मनी जिसके फाइनल में स्पेन से हार गया था) से हो गई थी। युवा खिलाड़ी मेसुट ओजिल और थामस म्युलर अपने पूर्ववर्ती वोल्फगैंग ओवरैथ और पियरे लिटबारस्की की तरह हैं।

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