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फ्रांस की संसद ने की टीम की हार की जांच

फ्रांस की संसद ने की टीम की हार की जांच

फ्रांस के सांसदों ने फीफा विश्वकप टूर्नामेंट में अपने देश की टीम के घटिया प्रदर्शन की जांच के लिए बंद कमरे में विचार-विमर्श किया।

फ्रांस के सांसदों ने बुधवार को देश की फुटबॉल टीम के कोच रेमंड डोमेनेक और फेडरेशन के अध्यक्ष जीन पियरे एस्केलेटस को विश्वकप में टीम के खराब प्रदर्शन के कारण पूछने के लिए बुलाया।

सांसदों की यह बैठक फीफा की खेल में राजनीतिक दखलंदाजी नहीं करने की हिदायत को अनदेखा करते हुए आयोजित की गई। फीफा भले ही इसे खेल से जुड़ी सामान्य घटना मान रहा हो लेकिन फ्रांस के लिए फुटबॉल विश्वकप टूर्नामेंट के पहले दौर से ही बाहर हो जाना आम घटना से कुछ ज्यादा ही बड़ी बात है। वह राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली त्रासद घटना के रूप में देखी जा रही है।

टैक्सी चालक से लेकर राष्ट्रपति निकोलस सारकोजी तक देश के लगभग हर नागरिक को फ्रांस जैसी फुटबॉल की महाशक्ति के विश्वकप टूर्नामेंट के पहले ही दौर से बाहर हो जाने से दिली तकलीफ हुई है।

सांसद एरिक सियोती ने सुनवाई के बाद कहा फ्रांस के सांसदों को धमकाना फीफा का काम नहीं है। हम लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और सांसदों को किसी भी इच्छुक पक्ष की सुनवाई करने का अधिकार है।

देश के अखबारों की सुर्खियों में फ्रांस की शर्मनाक हार को राष्ट्रीय मामला बताए जाने के बाद सारकोजी को इस सिलसिले में एक आपात बैठक बुलानी पड़ी थी। राष्ट्रपति ने देश में फुटबॉल संबंधी व्यवस्था पर पुनर्विचार के लिए एक राष्ट्रीय समिति के गठन का एलान भी किया था।
गौरतलब है कि खेल में राजनीतिक पार्टियों के हस्तक्षेप को देखते हुए फीफा के अध्यक्ष सेप ब्लॉटर ने आगाह किया था कि अगर फ्रांस की सरकार ने राष्ट्रीय फुटबॉल संघ के संचालन में दखलंदाजी की तो फ्रांसीसी को अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से बेदखल किया जा सकता है।

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