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दो टूक (01 जुलाई, 2010)

चलिए, राष्ट्रमंडल खेलों के बहाने, रेलवे में बहु-प्रतीक्षित बदलाव होने जा रहा है। नई दिल्ली स्टेशन पर भीड़भाड़ कम करने के लिए शहर के बाहरी हिस्सों में नए टर्मिनल बनाए जा रहे हैं।

कभी अंतरराज्यीय बस स्टैंड के नाम पर दिल्ली में एकमात्र कश्मीरी गेट का आईएसबीटी था। लेकिन आज कई आईएसबीटी शुरू हो चुके हैं।

इसी तरह ट्रेनों के लिए भी विकेंद्रित व्यवस्था पहले ही हो जानी चाहिए थी। जिस तरह से यहां यात्रियों और ट्रेनों की संख्या बढ़ी है, उसमें परिचालन का विकेंद्रीकरण अति आवश्यक हो गया था।

नई दिल्ली स्टेशन पर आज 300 से अधिक गाड़ियां आती-जाती हैं। कई बार यात्रियों की उमड़ती भीड़ से भयंकर जानलेवा हादसे हो चुके हैं। ऐसे में देर से ही सही, रेलवे की पहल स्वागतयोग्य है।

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  • Web Title:दो टूक (01 जुलाई, 2010)