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भाजपा के गले की हड्डी बना पटना साहिब

पटना साहिब की लोकसभा सीट भाजपा के लिए गले की हड्डी साबित हो रही है। उसके तीन दावेदार हैं। इनमें से दो शत्रुघ्न सिन्हा और आरके सिन्हा तो हर हाल में चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। तीसर उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद राज्यसभा सदस्य हैं। वे इन दोनों की तरह अपना प्रचार नहीं कर रहे हैं। उन्हें पार्टी नेतृत्व पर भरोसा है और यह उम्मीद भी कि दो की लड़ाई में तीसर को जो लाभ मिलता है, वह उन्हीं को मिलेगा। इस लड़ाई में राजद अगर भाजपा के रंग में भंग डाल दें तो बड़ी बात नहीं होगी।ड्ढr ड्ढr इस विवाद में राजद की बढ़ती दिलचस्पी से भाजपा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खबर है कि भाजपा के एक दावेदार राजद के संपर्क में भी हैं। आखिरी वक्त में राजद अपना पत्ता खोल सकता है। वह विक्षुब्ध भाजपाई को उम्मीदवार बना सकता है। सूत्रों का दावा है कि भाजपा के एक उम्मीदवार की राजद से बातचीत चल रही है। यह अलग बात है कि सबकुछ बोलने के बाद भी भाजपाई दावेदार अंतिम फैसले की जिम्मेवारी आलाकमान पर थोप दे रहे हैं। वैसे, भाजपाई घमासान का एक और कोण है। पटना जिला में पहले भी लोकसभा की दो सीटें थीं-पटना और बाढ़। परिसीमन के बाद पाटलिपुत्र और पटना साहिब के नाम से दो सीटें बनी हैं। पहले के बंटवार में पटना भाजपा औरबाढ़ जदयू के कोटे में थी। इस आधार पर जदयू भी पटना साहिब सीट पर दावा कर सकता है। जदयू फिलहाल मूकदर्शक बनकर भाजपाई कुश्ती को देख रहा है। क्लाइमेक्स आने पर वह इसमेंप्रवेश करेगा।

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