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यूपीए के लिए सिरदर्द बने शिबू

बिहार में राम विलास पासवान हैं, तो झारखंड में शिबू सेारन यूपीए और खासतौर से राजद सुप्रीमो और रल मंत्री लालू प्रसाद के लिए खासा सिरदर्द का कारण बन रहे हैं।ड्ढr दूसरी बार झारखंड का ताज छिनने और अपने चहेते को सीएम नहीं बनवा पाने के लिए लालू को ही जिम्मेदार मान रहे झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरन ने कांग्रेस आलाकमान को साफ संकेत दे दिया है कि उनका आदमी सीएम न बना, तो राज्य में लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी यूपीए से अलग हो सकती है। उनके करीबी भी बात नहीं बनने पर वाम दलों अथवा तीसर मोर्चे के साथ जुड़ने की संभावनाओं पर चर्चा करने लगे हैं। सोरेन अपने समर्थकों के साथ एक-दो दिन में सोनिया गांधी से बात करने दिल्ली आने वाले हैं। गुरुाी कह रहे हैं कि अगर शीघ्र उनके आदमी को सीएम न बनाया गया, तो वह यूपीए से बॉय-बॉय कह सकते हैं। हालांकि उनके द्वारा सुझाये गये चंपई से लेकर नलिन सोरन तक के नाम पर आम राय नहीं बन सकी है। लालू वहां पूर्व सीएम मधु कोडा को या फिर राजद के किसी विधायक को कुर्सी देने की बात कर रहे हैं। कांग्रेस यूपीए के घटकों में आम राय की बात कर रही हैं। कांग्रेस सूत्रों कहते हैं कि अगर फरवरी तक आम राय न बनी तो निलंबित विधानसभा भंग कर नये चुनाव कराये जा सकते हैं। पर, इसका असर राज्य में लोकसभा की 14 सीटों के चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है। शायद इसी लिए कांग्रेस आलाकमान शिबू को पूरी तरह से नाराज करने के पक्ष में नहीं हैं। एक दो दिन में गुरुाी जब दल बल के साथ दिल्ली आयेंगे तो उनसे सभी पहलुओं पर भी बात होगी।ड्ढr वहीं, बिहार में पासवान ने साफ कह दिया है कि लोकसभा की 40 में से 16 से कम सीटें मिलीं, तो वह सभी सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर देंगे। वह कांग्रेस के साथ अलग से तालमेल की संभावनाएं तलाशने लगे हें, इससे यूपीए परशान है।

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