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जाम लगा पर खुले रहे स्कूल व दुकानें

हड़ताली कर्मचारियों के समर्थन में वामपंथी दलों के बिहार बन्द का राजधानी में असर नहीं पड़ा। आम दिनों की तरह दुकानें, सरकारी व निजी स्कूल और अन्य संस्थान खुले रहे और सड़कों पर वाहनों का परिचालन जारी रहा। अलबत्ता विरोध जुलूस, धरना और प्रदर्शन के कारण सड़क पर जाम में वाहन चालक व अन्य लोगों की परशानी बढ़ गई। डाकबंगला चौराहा आंदोलन का प्रमुख केन्द्र बना रहा। बंद के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों से 600 आंदोलनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर दिनभर गर्दनीबाग थाने के समीप संजय गांधी स्टेडियम में रखा और शाम 5 बजे के बाद छोड़ दिया।ड्ढr ड्ढr बंद को लेकर सुबह से ही शहर में सभी मुख्य चौक -चौराहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। डाकबंगला चौराहा पर बन्द समर्थकों से निपटने के लिए वज्र वाहन, फायर ब्रिगेड, वाटर कैनन के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मुश्तैद थे। दिन चढ़ने के साथ ही विभिन्न दिशाओं से बन्द समर्थक सरकार के खिलाफ नारबाजी करते हुए डाकबंगला चौराहा पहुंचने लगे। वहां तैनात पुलिस सीधे आंदोलनकारियों को पकड़ती और बस में बैठा कर भेज देती। इधर कंकड़बाग के कुछ इलाकों में दुकानें बन्द रहीं। वीरचंद पटेल पथ के अलावा डाकबंगला चौराहे पर बंद समर्थकों ने कुछ वाहनों को निशाना बनाया हालांकि कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।ड्ढr ड्ढr पटना विश्वविद्यालय में छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष स्वदेश कुमार, उपाध्यक्ष अजित शक्ितमान, धीरा सिंह यादव आदि ने विश्वविद्यालय कार्यालय, दरभंगा हाउस, पटना कॉलेज, वाणिज्य महाविद्यालय व साइंस कॉलेज में कक्षाओं को बाधित करने और तोड़फोड़ का प्रयास किया। बंद के समर्थन में बिहार नवनिर्माण सेना के संयोजक राजेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में स्टेशन गोलंबर से डाकबंगला चौराहा तक जुलूस निकाला। एसएफआई के राहुल कुमार द्विवेदी व डीवाईएफआई के उमेश कुमार के नेतृत्व में आर. ब्लॉक चौराहा से डाकबंगला चौराहा तक जुलूस निकाला गया।

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