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कल्याण पर सपा के मुस्लिम नेताओं के बागी तेवर

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के साथ भारतीय जनता पार्टी से त्याग पत्र देने वाले कल्याण सिंह की दोस्ती पर पार्टी के नेता आजम खां के बाद एक और वरिष्ठ नेता तथा मुरादाबाद से सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने भी विद्रोह कर दिया है। बर्क ने गुरुवार को संवाददाताआें से कहा कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने वाले के साथ दोस्ती का तो सवाल ही नहीं होता और ऐसे लोगों को सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंनें कहा कि देश का हर मुसलमान कल्याण और मुलायम की दोस्ती के खिलाफ है और इसे बर्दास्त नहीं कर पा रहा है। हो सकता है कि यह दोस्ती उस वक्त भी रही हो जब छह दिसंबर 1ो ढांचा गिराया गया था। उन्होंनें साफ किया कि किसी भी कीमत पर वह पार्टी से त्यागपत्र नहीं देंगे और इस दोस्ती का विरोध करते रहेंगे। उन्होंनें संभल सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ने की भी घोषणा की। गौरतलब है कि सपा अघ्यक्ष पूर्व में संभल से सांसद रह चुके हैं। बर्क ने कल्याण सिंह के सवाल पर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां के बयान का बचाव करते हुए कहा कि हर मुसलमान इस मित्रता के खिलाफ है और इस दोस्ती ने साबित कर दिया है कि अब यादव मुसलमानों के हमदर्द या शुभचिन्तक नहीं रहे। उन्होंनें कहा कि मुसलमानों ने ही सपा को इस ऊंचाई तक पहुंचाया क्योंकि राय में मुस्लिम आबादी 25 प्रतिशत है, जबकि यादव मात्र सात प्रतिशत ही हैं। यदि मुसलमान अपना समर्थन वापस ले लें तो सपा का राजनीतिक अस्तित्व खत्म हो जाएगा। बर्क ने कहा कि ढांचा गिराए जाने के वक्त कल्याण सिंह राय के मुख्यमंत्री थे और उन्होंनें मुसलमानों के साथ ही नहीं बल्कि मानवता के साथ धोखा किया था। देश खासकर राय का कोई भी मुसलमान सिंह को उस वक्त भी पसंद नहीं करता था और आज भी नहीं करता। अब यादव उनके बचाव में आए हैं तो मुसलमानों की नजर में उनकी भी वही इजत होगी जो सिंह की है।

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  • Web Title: कल्याण पर सपा के मुस्लिम नेताओं के बागी तेवर