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बिछेगी चुनावी रणनीतिक बिसात

आपसी गुटबाजी और पार्टी के पीएम इन वेटिंग लालकृष्ण आडवाणी के रणनीतिकारों के बीच वर्चस्व के लिये मचे घमासान के बीच भाजपा के दिग्गज ‘दिल्ली कूच’ के लिये रणनीति बनाने के लिय शुक्रवार को यहां जुटने वाले है। लोकसभा चुनाव से पहले यहां शुरू होने वाली तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारणी और परिषद की बैठक इस लिहाज से अहम है। आडवाणी को दिल्ली और राजस्थान विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी में आई हताशा से कार्यकताओं को उबारने के लिये हमलावार रणनीति के साथ प्रस्तुत होना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस बैठक में चुनाव और सिर्फ चुनाव को लेकर चर्चा और रणनीति तैयार की जानी है। नारा है- ‘कब्जा दिल्ली पर।’ आडवाणी की परशानी है कि कैसे पार्टी को एकाुट कर चुनाव की भट्टी में झोंका जाये। गुटबाज नेताओं को वो कड़ी घुट्टी पिलाने वाले हैं। बैठक में तमाम मुद्दों के साथ आतंकवाद को प्रमुख मुद्दे के तौर पर पेश किया जायेगा। संघ परिवार के मुख्यालय नागपुर शहर में लगी हर छोटी बड़ी होर्डिग में एक ही नारा लिखा है-आतंकवाद का विनाश, देश का विकास और भाजपा पर विश्वास। यही नहीं बीते लंबे समय से पार्टी के लिये बेगाने हो गये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी हर पोस्टर में जगह दी गई है। बेंगलूरू में हुई कार्यकारणी की बैठक की प्रचार सामग्री में वाजपेयी गायब हो गये थे। अब चुनाव सिर पर है तो वाजपेयी पार्टी को याद आ गये हैं। आखिर ब्राम्हण वोटों का जो सवाल है। बैठक में आडवाणी को जहां एकाुट पार्टी के नेता के तौर पर पेश किया जाना है, वहीं आडवाणी नेता नही संगठनकर्ता के तौर पर बैठक में दिखने वाले हैं। अपने विश्वासपात्र रणनीतिकारों अरूण जेतली, वेंकैया नायडू, अनंत कुमार, सुषमा स्वराज द्वारा पार्टी को चुनावी मोड में लाने में फेल होने के बाद वे खुद ही कमान संभालते दिखेंगे। उनके बाद दूसर नम्बर पर नरन्द्र मोदी को प्रस्तुत किया जाना है। अपने रणनीतिकारों की असफलता के बाद आडवाणी लंबे समय से चाह रहे हैं कि मोदी चुनाव की कमान संभालें। पार्टी के उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने बताया कि बैठक में यूपीए सरकार के निकम्मेपन और नाकार नेतृत्व की पोल खोली जायेगी। हमारा सवाल होगा ‘कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ कहां है।’ एनडीए सुशासन बनाम यूपीए कुशासन पर चर्चा होगी। श्रीलंका की समस्या पर प्रस्ताव के अलावा राजनीतिक आर्थिक और कृषि संकट पर भी प्रस्ताव आयेंगे।ं

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