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अलकतरा घोटाले की निगरानी जांच के लिए पीआइएल दायर

अलकतरा खरीद और इसके इस्तेमाल में बरती गयी अनियमितता के खिलाफ हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है। मो ताहिर ने याचिका दायर करते हुए कोर्ट से इसकी जांच निगरानी विभाग से कराने और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया है। याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2002-08 के बीच 100 करोड़ से अधिक की निकासी अलकतरा खरीद के लिए की गयी, लेकिन पथ निर्माण विभाग, वित्त विभाग की अधिकारियों की मिलीभगत से इस राशि की बंदरबांट कर ली गयी। राज्य विभाजन के बाद इंजीनियर, नेता और ठेकेदारों की मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है। वर्ष 2002 से राज्य के कई प्रमंडलों में अलकतरा खरीद का फराी आदेश जारी कर उसकी खपत भी दिखायी गयी। इस तरह करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है।ड्ढr जहां अलकतरा का उपयोग किया गया, वह भी गुणवत्तायुक्त नहीं था। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद गोड्डा- पंजवारा, आसनबानी- पटमदा, रिंग रोड, आदित्यपुर- कांड्रा, रांची-डाल्टनगंज, हाता- चाईबासा- चंद्रपुरा- बोकारो और एनएच- 23 की हालत खराब है।

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  • Web Title: अलकतरा घोटाले की निगरानी जांच के लिए पीआइएल दायर