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पचास के बुड्ढे भी राजनीति में जवान

चुनावी मौसम है तो राजनीतिक दलों के एजेंडे पर युवाओं का मुद्दा लौट आया है। युवाओं को भरपूर टिकट देने के दावे और वादे। आखिर आबादी में भी युवाओं की संख्या बाकियों से ज्यादा है और बतौर नए वोटर भी उनकी तादाद खूब बढ़ रही है। लेकिन सच्चाई यह है कि यूपी में वोट माँगने वाली ज्यादातर पार्टियों के पास आबादी और वोटर के इस तबके के वास्तविक प्रतिनिधित्व के तौर पर दिखाने को खास नहीं। ‘युवा’ का पैमाना राजनीति में शायद अलग है। यहाँ पचास की उम्र वाले भी बेहिचक युवाओं की जमात में शामिल माने जाते हैं। टिकट पाने वालों में 30-35 या 40 की उम्र वाले बहुत मुश्किल से ही मिलते हैं।ड्ढr कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में 30 फीसदी टिकट युवाओं को देने की बात कही है। वैसे कांग्रेस के मंच पर उतरने वाले ज्यादातर युवा नेता अपने पिता के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं। राहुल को स्वर्गीय राजीव गांधी, केन्द्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद को जीतेन्द्र प्रसाद और कुशीनगर से दावेदार व विधायक आरपीएन सिंह को सीपीएन सिंह की विरासत मिली। कांग्रेस के संभावित युवा चेहरों में राहुल, जितिन और आरपीएन सिंह के अलावा अलीगढ़ से चौधरी बिजेन्द, वाराणसी से राजेश मिश्र, झाँसी से सुजान सिंह बुंदेला के बेटे गुड्डू बुंदेला, अकबरपुर से संजय दीक्षित और चंदौली से शैलेन्द्र सिंह हैं। बसपा अध्यक्ष मायावती ने पचास फीसदी टिकट युवाओं को देने की घोषणा की है। बसपा शुरू से ही टिकट बँटवार में युवाओं को तवज्जो देती रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी के 403 प्रत्याशियों में 70 फीसदी से अधिक युवा चेहरे थे। लोकसभा प्रत्याशियों में भी पार्टी ने इसी फामरूले को दोहराते हुए 75 फीसदी युवा चेहरों पर दाँव लगाया है। झाँसी से रमेश शर्मा, लखनऊ से अखिलेश दास, बागपत से मुकेश शर्मा और कन्नौज से धनीराम वर्मा के बेटे महेश वर्मा का नाम युवा चेहरों की फेहरिस्त में है।ड्ढr बसपा के भी युवा चेहरों की फेहरिस्त खासी बड़ी है। गोण्डा से अरशद खाँ, कैसरगंज से लल्ला भय्या, फतेहपुर से महेन्द्र निषाद, बस्ती से रामप्रसाद चौधरी का भतीजा अरविन्द चौधरी, सुलतानपुर से पप्पू रिजवान, अमेठी से आशीष शुक्ल, सीतापुर से राजेश वर्मा, अंबेडकरनगर से अतहर खाँ, जौनपुर से धनन्जय सिंह, अकबरपुर से अनिल शुक्ल वारसी जैसे नाम बसपा के युवा चेहरों की फेहरिस्त में हैं। सपा ने अब तक जिन 52 सीटों के नाम तय किए हैं उनमें पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के बेटे और कन्नौज के मौजूदा सांसद अखिलेश यादव, कैराना से रशीद मसूद के बेटे शादान मसूद, नगीना से यशवीर सिंह, बदायूँ से धर्मेन्द्र यादव, लखनऊ से संजय दत्त, अकबरपुर से कमलेश पाठक, बाँदा से आरके सिंह पटेल, कैसरगंज से बृजभूषण शरण सिंह, गोण्डा से कीर्तिवर्धन सिंह, बस्ती से राजकिशोर सिंह, गोरखपुर से मनोज तिवारी, मिर्जापुर से बालकुमार पटेल और बलिया से स्वर्गीय चंद्रशेखर के पुत्र नीरा शेखर के नाम प्रमुख हैं। इनमें नगीना के यशवीर सिंह सपा की यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव भी हैं। कभी संघ की पृष्ठभूमि वाले संगठन की लंबे समय तक साधना करने वाले ही भाजपा के टिकट के हकदार माने जाते थे। लेकिन अब उसे भी युवा प्रत्याशियों की तलाश है। यूपी में उसने अब तक जिन 38 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है उनमें युवा चेहरों का प्रतिनिधित्व करने वालों में गोरखपुर के सांसद योगी आदित्य नाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पुत्र वरुण गांधी पीलीभीत से, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह के पुत्र अनुराग सिंह मिर्जापुर से, नोएडा-ग्रेटर नोएडा के मशहूर युवा डाक्टर महेश शर्मा गौतमबुद्धनगर, लोक गायिका तृप्ति शाक्य मैनपुरी से,विधायक कृष्णा राज शाहजहाँपुर से, अजय मिश्रा लखीमपुर से, मिथिलेश अग्रवाल फरुखाबाद से, गौतम चौधरी कौशाम्बी से, पूर्व सांसद संकटा प्रसाद के पुत्र अनिल भार्गव मिश्रिख से, कमलेश कठेरिया इटावा से, कमलेश पासवान बांसगांव से, प्रीतम सिंह लोधी हमीरपुर से, अमिता बाजपेयी बांदा से, करन सिंह पटेल फूलपुर से, सुव्रत पाठक कन्नौज से और रंजन चौधरी मोहनलालगंज से शामिल हैं।

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