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सूबे में पर्यटन का काम संतोषप्रद नहीं

ेन्द्र की नजर में बिहार में पर्यटन के क्षेत्र में बढ़िया काम नहीं हो रहा है। केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री श्रीमती कांति सिंह ने कहा है कि यहां पर्यटन का काम संतोषप्रद नहीं है। वर्ष 2004-05 की परियोजनाओं की अबतक मात्र 35 फीसदी राशि ही खर्च हुई है। राज्य सरकार पर्यटन परियोजनाओं का डीपीआर भी केन्द्र को समय पर नहीं दे पा रही।ड्ढr ड्ढr स्थिति यह है कि कानून-व्यवस्था का मामला बताकर राज्य सरकार ने मुंगेर जिला स्थित भीमबांध इको पर्यटन परियोजना को स्थगित कर दिया। केन्द्र ने बाल्मीकिनगर में तीन करोड़ रुपए की इको पर्यटन की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही बोधगया में होटल प्रंबंधन संस्थान और मुजफ्फरपुर में भोजन कला संस्थान खोलने की भी मंजूरी दी गई है। गुरुवार को यहां बिहार में पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में श्रीमती सिंह ने कहा कि वर्ष 2002 से 2007 तक केन्द्र ने राज्य की पर्यटन परियोजनाओं के लिए 65.12 करोड़ रुपए की मंजूरी देते हुए अब तक 48 .02 करोड़ रुपए निर्गत कर दिया है। इसके बावजूद वित्तीय वर्ष 2006-07 की परियोजनाएं अब तक लम्बित हैं।ड्ढr ड्ढr ट्रेनों में कैंसर रोगियों का अलग कोटाड्ढr पटना (हि.प्र.)। पूर्व मध्य रल ने कैंसर रोगियों व उनके अटेंडेंटों के लिए ट्रेनों में आरक्षण का अलग कोटा निर्धारित करने का निर्णय लिया है। फिलहाल अलग कोटा नहीं रहने के कारण इनलोगों को वीआईपी कोटे की सीटें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे कई परशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वीआईपी कोटे की सीटें प्रभावित हो रही हैं। कई बार ऐसा होता है कि मुख्यालय ने वीआईपी कोटे के लिए सूची भेजी और जवाब मिलता है कि सीटें भरी हुई हैं। इस परशानी को दूर करने के लिए कैंसर रोगियों के लिए सभी श्रेणियों में अलग कोटानिर्धारित किया जा रहा है। इसबार में संबंधित अधिकारी बताते हैं कि सर्वप्रथम मुंबई की ट्रेनों में कैंसर रोगियों का कोटा निर्धारित होगा।

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