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बीज के लिए तरसेंगे किसान

सूबे के किसान अब आधार बीज के लिए तरसेंगे। इसी के साथ कृषि विकास के लिए बने रोड मैप की दो महत्वाकांक्षी योजनाएं फ्लॉप हो जाएंगी। कृषि अधिकारियों की हड़ताल का असर 245 सरकारी प्रक्षेत्रों में लगाई गई फसलों पर पड़ रहा है। सिंचाई के बिना रबी के बीज या तो सूखने लगे हैं या फिर रोग की चपेट में आकर नष्ट हो रहे हैं।ड्ढr ड्ढr राई और सरसों की फसलें तो खेतों में ही पककर गिर रही हैं। यही स्थिति रही तो मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना के तहत राज्य के हर गांव के दो किसानों को बीज देना सरकार के लिए कठिन हो जायेगा। बीज ग्राम योजना के लिए भी आधार बीज नहीं मिलेगा। प्रक्षेत्रों के हलवाहे कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल हैं तो अधिकारी भी पिछले 20 दिनों से धरना पर बैठे हैं। नतीजा यह है कि फसलों की सिंचाई करने वाला भी कोई नहीं है। रोगों के उपचार और छिड़काव की बात तो दूर। सरकार मुख्यमंत्री तीव्र विस्तार योजना के तहत राज्य के हर गांव के दो किसानों को अनुदानित दर पर आधार बीज उपलब्ध कराती है। इसके साथ ही हर प्रखंड में एक बीज ग्राम बनाने की योजना भी है। अधिकारी बताते हैं कि देश में कहीं भी सरकार को उतनी मात्रा में आधार बीज नहीं मिल पायेगा जितनी किसानों को देने के जरूरत है। इसी को घ्यान में रखकर कृषि प्रक्षेत्रों में बीज उत्पादन का फैसला लिया गया था।

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