DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पटना-रांची के बीच एक्सप्रेस हाइवे

पथ निर्माण विभाग ने सड़कों के कल्याण की योजनाएं बना ली हैं। पथ निर्माण मंत्री डा. प्रम कुमार का मानना है कि लोगों के रूझान से तय है कि केन्द्र में एनडीए की सरकार बनेगी और वैसी स्थिति में सड़कों की कई योजनाओं पर लगा केन्द्र का बैरियर हटेगा। प्रदेश के 1354 किमी. नेशनल हाइवे को डबल लेन बनाने में केन्द्रीय मदद मिलेगी। पिछले दो-तीन सालों से केन्द्र से गुहार लगाते-लगाते राज्य सरकार थक गई है। करीब यही स्थिति एनएचडीपी फेज-3 के तहत चयनित 1015 किमी. नेशनल हाइवे की है। इन हाइवे को 46 लेन में परिणत करने के लिए योजनाओं की फाइल केन्द्र सरकार के टेबुलों पर घुम रही है।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार ने पटना -लखनऊ और पटना-रांची के बीच एक्सप्रस हाइवे बनाने का निर्णय किया है जिसमें केन्द्रीय मदद की दरकार है। पटना शहर के ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए गंगा किनार मेरिन ड्राइव और पांच फ्लाई ओवर का निर्माण जरुरी है जिसके लिए पैसे की जरुरत है। श्री कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने संसाधन से पटना शहर और ग्रामीण इलाकों में कई सड़क योजनाएं प्रारंभ किया है। इसमें पटना शहर में 250 करोड़ की लागत से 80 किमी. सड़क का चौड़ीकरण और निर्माण शामिल है जिसमें 101 करोड़ की लागत से 41 किमी. का निर्माण अब तक पूरा हुआ है। पटना साहिब क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में 82 करोड़ की लागत से 140 किमी. का निर्माण शुरू किया गया है जिसमें 53 करोड़ की लागत से 71 किमी. का निर्माण पूरा हो गया है। वहीं पाटलिपुत्र के ग्रामीण क्षेत्र में 117 करोड़ रुपए की लागत से 110 किमी. सड़क निर्माण की योजनाएं शुरू की गई जिसमें 44 करोड़ रुपए से 48 किमी. का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पटना-रांची के बीच एक्सप्रेस हाइवे