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छात्रों के पैसे से हो रहा पीयू का विकास

माल महाराज का मिर्जा खेले होली। इस कहावत को पूरी तरह से पटना विश्वविद्यालय प्रशासन चरितार्थ करने में जुट गया है। छात्र-छात्राओं के फंड को विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय के विकास में लगा रहा है। पटना विश्वविद्यालय में छात्रों को हॉस्टल एलॉटमेंट के समय में 500 रुपया (कॉशन मनी) जमानती राशि के तौर पर जमा करायी जाती है। 20 वर्षो से विश्वविद्यालय मद में लगभग 20 लाख राशि पड़ी हुई है। छात्रों को यह पैसा वापस करना होता है। छात्र-छात्राओं का यह पैसा वापस नहीं किया जा रहा है। छात्रों के पैसे का इस्तेमाल विश्वविद्यालय प्रशासन दूसर कामों के लिए कर रहा है। छात्र-छात्राओं से विश्वविद्यालय प्रशासन पैसे तो वसूल लेती है पर सुविधा मुहैया नहीं करती है। प्रत्येक साल नए सत्र में हॉस्टल एलॉटमेंट में विश्वविद्यालय को मोटी रकम का फायदा होता है। विवि की एक -दो हॉस्टल को छोड़ किसी भी हॉस्टल में मेस की अच्छी व्यवस्था छात्रों के लिए नहीं हैं।ड्ढr ड्ढr कुछ दिन पहले कुलपति की अध्यक्षता में आवासीय बोर्ड की बैठक में इस मु्द्दों को जोर-शोर से उठाया गया था। विश्वविद्यालय के जानकारों ने बताया कि नियम के अनुसार हॉस्टल फंड का पैसा हॉस्टल के लिए खर्च होना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हॉस्टल में छात्रों के लिए सुरक्षा व्यवस्था का भी इंतजाम नहीं है। कुलसचिव ने बताया कि यह मेर अधिकार क्षेत्र से बाहर है।ं

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