DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पब, प्रेम और सेना

मंगलूर के पब में लड़कियों को बुरी तरह पीटने का मामला अभी थमा भी नहीं कि श्रीराम सेना ने एक और शगूफा छोड़ दिया। इस सेना की स्वघोषित नैतिक ब्रिगेड अब वेलेंटाइन डे पर पकड़े गए जोड़ों को जबरन विवाह कराने की धमकी दे रही है। पहले शिव सेना और अब श्रीराम सेना ने लगता है वेलेंटाइन डे के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला कर लिया है। खुद को भारतीय संस्कृति के ठेकेदार बने ये मुट्ठी भर लोग यह नहीं जानते कि मर्यादा की रक्षा के नाम पर हम उन व्यवस्थाओं को भूल रहे हैं, जो भारतीय संस्कृति के मूल में हैं। नाम भले ही अंग्रेजी हो पर वेलेंटाइन डे भारत के लिए नई परंपरा नहीं है। यहां बहुत प्राचीन काल में भी बसंतोत्सव मनाया जाता था। यह संयोग है कि वेलेंटाइल डे भी बसंत ऋृतु में मनाया जाता है। इतना जरूर है कि अब इसका बाजारीकरण हो गया है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वेलेंटाइन डे मनाने या इसके आयोजनों में खलल डालने का किसी को अधिकार मिल जाता है। अगर इस दिन किशोर-किशोरियां आपस में मिलकर खुशियों का आदान-प्रदान करते हैं, नाचते-गाते हैं तो इसमें एसा कुछ नहीं, जिससे समाज को आपत्ति हो। रोक अश्लीलता और शराब पीकर सड़कों पर हुड़दंग करने पर होनी चाहिए, पर उसका अधिकार भी किसी नैतिकता के स्वघोषित ठेकेदार संगठन को नहीं, पुलिस और प्रशासन को है। भारतीय संस्कृति क्या है, यह फैसला करने का हक उन्हें किसने दिया,ोो खुद आतंकवादी घटनाओं में शामिल रहे हों। शादी-ब्याह कोई खेल नहीं, जो जबरन कराया जा सके। लड़के-लड़की में दोस्ती होना या साथ घूमना महिलाओं के लिए ही गलत क्यों है? पुरुष पब में जाएं, शराब पीकर सड़कों पर गुंडागर्दी करं, महिलाओं के साथ र्दुव्‍यवहार करं तो उसमें संस्कृति के इन स्वयंभू रक्षकों को कुछ भी गलत नार नहीं आता। महिलाओं के पब में आते ही देश की संस्कृति पर संकट छा जाता है। दुर्भाग्यवश कुछ राज्य सरकारं एसे समाज विरोधी तत्वों से कड़ाई से निपटने के बजाय उन्हें संरक्षण देती नार आती हैं। एसे संगठनों के खिलाफ सरकार ही नहीं, जनता को भी एकाुट होकर आगे आना चाहिए। चुप रहने पर एसे तत्वों के हौसले और बढ़ते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पब, प्रेम और सेना