DA Image
26 जनवरी, 2020|2:16|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बचा लीजिए भोजपुरी को

सुनील दत्त जसा कौन यहां? ‘स्टार वार परिवार’ पढ़ा। आपका यह कथन सटीक व तर्कसंगत है कि सुनील दत्त..एक फिल्म स्टार थे, लेकिन उनकी छवि एक ईमानदार, मेहनती और मददगार राजनेता की भी है..। जबकि आज के फिल्म स्टार की छवि वैसी नहीं है, इन्हें ईमानदार, मेहनती और मददगार नहीं कहा जा सकता है। सुनील दत्त के अलावा जितने भी फिल्म स्टार राजनीति में आए सब अपना निजहित, स्वार्थ और अहंकार को साधने में ही लगे रहे। राजनीति में बेपेंदी के लोटे की तरह लुढ़कने और गिरने वाले साबित हुए। संजय दत्त ने भी अगर राजनीति में प्रवेश किया है तो, इसमें न केवल उनका अपना स्वार्थ है, बल्कि सपा का भी स्वार्थ है जो संजय दत्त को कुछ प्रलोभन देकर अपनी पार्टी में लाए हैं। बी. एस. डोगरा, सीमापुरी, दिल्ली

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: बचा लीजिए भोजपुरी को