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किरण कार्णिक सत्यम के अध्यक्ष नियुक्त

सत्यम कंप्यूटर घोटाले का मायाजाल फैलता ही जा रहा है। सरकार ने कंपनी के पुराने आडिटर प्राइस वाटर हाउस कूपर्स सहित सत्यम से जुड़ी 350 कंपनियों को जांच के दायरे में ले लिया। कारपोरेट कार्यमंत्री प्रेमचंद गुप्ता ने किरण कार्णिक को सत्यम बोर्ड का अध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा करने के साथ ही यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सत्यम घोटाले की तह तक जाने के लिए कंपनी के बेंगलूर स्थित पुराने आडीटर प्राइस वाटरहाउस कूपर्स समेत उन सभी 350 कंपनियों की जांच करने को कहा गया है जिनका सत्यम के साथ कारोबार होता रहा। यह जांच केन्द्र सरकार का ‘गंभीर घोटाला जांच कार्यालय (एसएफआईआे)’ करेगा। इससे पहले सत्यम समूह की दूसरी कंपनियों मेटास इंप्रास्ट्रक्चर और मेटास प्रोपर्टीज सहित आठ कंपनियों को एसएफआईआे की जांच के दायरे में लाया जा चुका है। गुप्ता ने बताया कि जांच के दायरे में लाई गई 350 कंपनियों में 325 कंपनियां हैं जबकि 25 व्यक्ित हैं। उन्होंने कहा कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही इसका परिणाम सामने आएगा। सरकार ने इन कंपनियों के खातों और लेनदेन की जांच के आदेश कंपनी अधिनियम की धारा 240-1ए और 240-2बी के तहत दिए हैं। गुप्ता ने बताया कि सत्यम घोटाले से सबक लेते हुए सरकार ने 150 अन्य कंपनियों के खातों की भी जांच करने का फैसला लिया है। इन 150 कंपनियों का सत्यम घोटाले से कोई लेना देना नहीं है। यह जांच कंपनी अधिनियम 1ी धारा 20ए के तहत की जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की जानी मानी कंपनी रही सत्यम कंप्यूटर के संस्थापक एवं पूर्व अध्यक्ष रामलिंग राजू द्वारा कंपनी में 7800 करोड़ रुपए की भारी धोखाधडी का खुलासा किए जाने के बाद पुलिस ने राजू को गिरफ्तार कर लिया और सरकार ने कंपनी के तत्कालीन बोर्ड को बर्खास्त कर दिया था। सत्यम के 50 हजार से अधिक कर्मचारियों की रोजी रोटी और देश विदेश में कंपनी की साख को देखते हुए सरकार ने तुरंत कदम उठाए। कंपनी के लिए छह सदस्यीय नए बोर्ड का गठन किया। पहले चरण में तीन निदेशक नियुक्त किए गए। इनमें नॉस्काम के पूर्व अध्यक्ष किरण कार्णिक, एचडीएफसी के अध्यक्ष डा. दीपक पारिख और विशेषज्ञ सी अच्युतन शामिल थे। दूसरे चरण में सीआईआई के प्रमुख तरण दास, इंस्टीटूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के पूर्व अध्यक्ष टीएन मनोहरन और वषोर्ं तक जीवन बीमा निगम से जुड़े रहे सूर्यकांत बालकृष्ण मैनक को शामिल किया गया। कंपनी निदेशक मंडल की बुधवार से दो दिन तक चली बैठक के बाद शुक्रवार को सरकार ने किरण कार्णिक को सत्यम बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। सरकार ने 15 जनवरी को ही सत्यम और सत्यम से जुड़ी मेटास इंप्रा तथा मेटास प्रोपर्टीज की कंपनी अधिनियम 20ए के तहत जांच करने का काम एसएफआईआे को दे दिया था और तीन महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा था। इस बीच, सत्यम के नए बोर्ड ने केपीएमजी और डिलोयट को नया आडिटर भी नियुक्त कर दिया था। हालांकि इंस्टीटूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने इन दोंनों विदेशी फमर्ो को ऑडीटर नियुक्त करने पर एतराज भी जताया था लेकिन दोंनों कंपनियों की सेवाएं अभी भी जारी हैं। नए बोर्ड ने 12 जनवरी को अपनी पहली बैठक की थी। इसमें बोर्ड की तरफ से मिले शुरुआती संदेश में कहा गया था कि कंपनी का कामकाज ठीकठाक है और उसके बड़े ग्राहक उससे जुड़े रहना चाहते हैं। इधर, हाल ही में सत्यम के सीईओ नियुक्त हुए एएस मूर्ति ने मेटास के घटनाक्रम के पहले ही करीब 0 लाख रुपए के 40 हाार शेयर बेच दिए थे। इनमें से 21 हाार के शेयर पिछले साल 12 से 15 दिसंबर के बीच जबकि 1हाार शेयर 16 दिसंबर को बेचे।

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