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बर्खास्त कर दिए जाएंगे हड़ताली

छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने के लिए राज्य के तीन लाख कर्मचारी 7 जनवरी से ही हड़ताल पर हैं। नतीजा मुख्यालय से लेकर जिलों तक में विकास कार्य बाधित हो गये हैं। इसी कारण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के नियम 8(2) के तहत राज्य सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए कर्मचारियों को दो-दो बार काम पर लौटने की चेतावनी दी। आखिरकार तमाम विभागीय प्रमुखों की मुख्य सचिव आर.जे.एम. पिल्लै की अध्यक्षता में हु्ई बैठक के बाद हड़तालियों को सीधे बर्खास्त करने पर सहमति बन गयी। बर्खास्त होने वाले कर्मियों के नामों की सूची को अंतिम रूप देने और आदेश तैयार करने के लिए शुक्रवार की देर रात तक कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग में काम होता रहा। कार्मिक सचिव आमीर सुबहानी ने बताया कि शनिवार से कर्मचारियों की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया जाना शुरू हो जायेगा। शनिवार से बर्खास्तगी का आदेश कर्मचारियों के घर पर भेजा जाना शुरू हो जायेगा। कार्रवाई की पहली गाज सचिवालयों के उन कर्मचारियों पर गिरगी जिनका नाम विज्ञापनों में प्रकाशित किये गये थे।

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