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प्लेन से आते थे वाहन चोर

महँगी गाड़ियों में घूमना। हवाई जहाज में सफर करना। पढ़ाई लिखाई में भी कोई कमी नहीं लेकिन काम चोरी। गाजीपुर पुलिस ने आगरा के पीएसी जवान समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर वाहन चोरों के गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के कुछ सदस्य हवाई जहाज से आकर राजधानी में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। गिरफ्तार पीएसी का जवान वर्दी में चोरी के वाहन को चलाकर ले जाता था। फिर गाड़ियों के फर्ाी कागज बनवाकर उन्हें दूसरे प्रदेशों और नेपाल में बेच दिया जाता था। पुलिस ने इनके पास से एक टाटा सफारी व तीन मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरोह का सरगना अभी फरार है। आगरा में पीएसी के कमान्डेन्ट को आरोपित जवान के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है।ड्ढr गाजीपुर पुलिस ने 25 जनवरी को कुछ वाहन चोरों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे। पता चला कि वाहन चोरों के गिरोह में पीएसी का जवान भी शामिल है। पुलिस ने अपना जाल बिछाया। कड़ी से कड़ी जुड़ी और गिरोह के तीन सदस्य पुलिस के हाथ लगे। इनमें 15 वीं बटालियन पीएसी, आगरा में कांस्टेबिल मुकेश कुमार, न्यू आगरा के रनधीर सिंह व एमपीएड की पढ़ाई कर रहे रामू उर्फ राम कुमार शामिल हैं। सीओ गोमतीनगर मनीष मिश्रा ने बताया कि गिरोह का सरगना दीपक साही उर्फ सोनू व उसका भाई फरार है। सोनू के पिता आगरा में एडीएम के दफ्तर में पेशकार थे। सोनू के खिलाफ आगरा में कई मुकदमे भी हैं। गिरोह के कई सदस्य चोरी करने के लिए हवाई जहाज से लखनऊ आते थे। एसओ गाजीपुर अरूण कुमार द्विवेदी के मुताबिक गिरोह के सदस्य चोरी करने के बाद किसी सूनसान स्थान पर खड़ा कर देते थे और सुबह होने का इंतजार करते थे। तड़के पीएसी जवान मुकेश गाड़ी लेकर जाता था। रास्ते में अगर कभी कोई दिक्कत होती थी तो स्टाफ की गाड़ी बताकर आसानी से चेकिंग से बच जाते थे। इस गिरोह को गिरफ्तार करने वाले एसआई कुलदीप सिंह ने बताया कि यह लोग चोरी की गाड़ियों के फर्ाी कागजात बनवाकर नेपाल व हरियाणा में बेच देते थे। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि यह लोग किसकी मदद से जाली कागजात बनवाते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की भी तलाश की जा रही है।

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  • Web Title: प्लेन से आते थे वाहन चोर