अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गुपचुप मध्यस्थता कर रहे करजई

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई पाक और भारत के बीच गुपचुप तरीके से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं ताकि जनरल परवेज मुशर्रफ के सैनिक शासन से बाहर निकले पाक में लोकतंत्र बहाली की प्रक्रिया जारी रहे। पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के शह पर लश्कर ए तैयबा द्वारा मुंबई में किए गए आतंकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय दबाव और घरेलू स्तर पर आईएसआई और सेना की ओर से डाले जा रहे दबाव के बीच राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने करजई से भारत के साथ तनाव को कम करने में मदद मांगा है।ड्ढr ड्ढr जरदारी ने करजई के माध्यम से भारत को यह बताने की कोशिश की है कि वह मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार करने के प्रति गंभीर हैं। करजई के करीबी सूत्रों ने बताया कि जरदारी ने अफगान राष्ट्रपति को बताया कि पाक सेना व आईएसआई न सिर्फ अफगानिस्तान को हिंसा प्रभावित क्षेत्र बनाए रखना चाहते है बल्कि वे भारत और अफगानिस्तान के साथ मधुर संबंधों को भी नहीं पचा पा रहे हैं।ड्ढr ड्ढr जरदारी ने करजई से सेना और आईएसआई से निपटने में सहयोग की मांग की है। उन्होंने कहा कि तालिबान और अलकायदा को समाप्त कर दिया जाएगा। जरदारी के आश्वासन के बाद करजई जनवरी में अचानक दिल्ली आए जहां उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा के दौरान भारतीय नेताओं को जरदारी का संदेश दिया। गोपनीय वार्ता प्रकिया पर नजर रखने के लिए विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी हाल में काबुल गए थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: गुपचुप मध्यस्थता कर रहे करजई