निरक्षर 'मास्टराइन' सिखाती हैं जैविक खेती के गुर - निरक्षर 'मास्टराइन' सिखाती हैं जैविक खेती के गुर DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

निरक्षर 'मास्टराइन' सिखाती हैं जैविक खेती के गुर

वह निरक्षर है लेकिन उसको लोग 'मास्टराइन' (अध्यापिका) कहकर बुलाते हैं। हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश निवासी धानेश्वरी देवी की जो पिछले कई सालों से किसानों को जैविक खेती के गुर सिखा रही हैं।

गोरखपुर जिले के अवधपुर गांव की 48 वर्षीय धानेश्वरी देवी ने अब तक तकरीबन 2,000 से अधिक किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया है, जिसकी मदद से किसानों को अपनी कृषि उपज बढ़ाने में मदद मिली है।

कुछ साल पहले वह दूसरी अनपढ़ गृहणियों की तरह चारदीवारी के अंदर जीवन व्यतीत करती थी, लेकिन अब वह आत्मनिर्भर होकर अच्छी कमाई कर रही हैं। उनके द्वारा बनाई जैविक खाद और कीटनाशक की अवधपुर के अलावा दूसरे गांवों में भी जबरदस्त मांग है।

देवी ने कहा, ''पिछले कुछ सालों में जैविक खेती से मेरी जिंदगी में सकरात्मक बदलाव आए हैं। आज स्थानीय लोग भी मेरी तरह अपने जीवन में बदलाव चाहते हैं।'' वह कहती हैं, ''आज जब स्थानीय लोग कहते हैं कि मैं उनकी प्रेरणास्रोत बन गई हूं तो मुझे काफी अच्छा लगता है।''

लोगों को जैविक खेती के गुर सिखाने वाली देवी पूरे इलाके में 'मास्टराइन' नाम से मशहूर है। करीब एक दशक पहले की बात है, जब देवी ने एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के सुझाव पर परिवार का खर्च चलाने के लिए घर की चारदवारी से निकलकर कुछ करने का फैसला किया था।

देवी कहती हैं, ''मुझे याद है, एनजीओ गोरखपुर इनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के कुछ सदस्य जैविक खेती का महत्व और लाभ के बारे में जानकारी देने हमारे गांव आए थे। मैं उनसे मिली और उन्होंने मुझे जैविद खाद बनाकर किसानों को बेचने का सुझाव दिया। रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने वाले गांव के किसानें ने शुरुआत में मेरे द्वारा बनाई गई जैविक खाद में खास दिलचस्पी नहीं ली। मैंने उन्हें प्रेरित करने के लिए खाद को बहुत सस्ते दाम पर बेचना शुरू कर दिया।''

उन्होंने कहा कि उनका ये विचार काम कर गया और कुछ महीनों बाद बड़ी संख्या में किसान उनके पास जैविक खाद खरीदने आने लगे। वे कहते थे कि इस खाद से उनकी फसल की उत्पादकता में बढ़ोतरी हुई है।

एनजीओ गोरखपुर इनवायरमेंटल एक्शन ग्रुप के सदस्य जितेंद्र द्विवेदी कहते हैं देवी कुछ साल पहले एक झोपड़े में रहती थी, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत के बल पर उसने अब गांव में पक्का घर बनवा लिया है।'

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:निरक्षर 'मास्टराइन' सिखाती हैं जैविक खेती के गुर