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और अब टीम इंडिया का परफेक्ट टेन का इरादा

लगातार नौ जीत का रिकार्ड बना चुके भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रविवार को यहां होने वाले पांचवें और अंतिम वनडे क्रिकेट मैच को भी जीतकर सीरीज में श्रीलंका का पूरी तरह सफाया करने के फौलादी इरादे के साथ मैदान पर कदम रखेंगे। भारत ने अब तक खेले गए चारों मैचों में श्रीलंका को खेल के हरेक विभाग में पीछे छोड़ते हुए 4-0 की शानदार बढ़त हासिल कर ली है। लेकिन अंतिम मैच में धोनी मेजबान टीम को किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहेंगे और उनकी पूरी कोशिश होगी कि इस मुकाबले को भी जीतकर सीरीज का शानदार समापन किया जाए। बेहतरीन लय में खेल रही भारतीय टीम अपने प्रतिद्वंद्वी से काफी बेहतर टीम लग रही है और इस बात को सनत जयसूर्या और मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने भी स्वीकार किया है। इसके ठीक उलट मेजबानों के लिए सब कुछ उल्टा ही हो रहा है और पाकिस्तान को उसके घर में मात देकर हासिल किया हुआ हौसला धोनी की सेना के आगे दम तोड़ चुका है। मगर श्रीलंका इस मैच को जीतकर सीरीज में अपना सम्मान कुछ हद तक बचाने की पूरी कोशिश करेगा। अगर यह टीम एक इकाई के तौर पर खेलने में कामयाब रहेगी तो भारत के समक्ष बेहद कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। लेकिन मसला उसे संगठित करने का है। एक-दो बल्लेबाजों को छोड़कर बाकी सभी आउट आफ फार्म.ॉ चल रहे हैं और कभी बेहतरीन रही उसकी फील्डिंग अचानक किसी नौसिखुआ टीम की तरह हो गई है। कोढ़ में खाज की बात तो यह है कि मुरलीधरन और अजंता मेंडिस की खतरनाक स्पिन जोड़ी का तिलिस्म भी भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ काम नहीं कर पा रहा है। इस स्थिति से उबर पाना श्रीलंका के लिए खासा मुश्किल होगा। लेकिन कप्तान माहेला जयवर्धने संकट की इस घड़ी में आगे रहकर नेतृत्व करने की पूरी काबिलियत रखते हैं और अगर सम्मान बचाने वाले इस मैच में श्रीलंका का एकदम बदला हुआ रूप दिखे तो किसी को भी आश्चर्य नहीं होना चाहिए। दूसरी तरफ धोनी की सेना का आत्मविश्वास तो सातवें आसमान पर है। इंगलैंड को 5-0 से पीटने के बाद अब श्रीलंका के खिलाफ भी वह इसी परिणाम को हासिल करने के लिए बेचैन होगी। यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्रिकेट के तमाम मारक अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित इस सेना को श्रींलकाई शेर किस तरह रोक पाते हैं। धोनी संभवत: इस मैच में भी कुछ ऐसे खिलाड़ियों को खेलाना चाहेंगे जिन्हें दौरे पर कुछ कर दिखाने का अब तक कोई मौका नहीं मिल पाया है। पिछले मैच में इरफान पठान ने शानदार गेंदबाजी कर तीन विकेट झटके थे और इसे देखकर धोनी शायद उन्हें एक और मौका दे दें। हालांकि मुनाफ पटेल की जगह टीम में शामिल किए गए लक्ष्मीपति बालाजी भी तीसरे पेसर के तगड़े दावेदार होंगे। उन्हें इशांत शर्मा की जगह मिल सकती है। बल्लेबाजी विभाग में किसी भी बदलाव की गुंजाइश नहीं दिख रही है। हो सकता है कि मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर इस मैच में भी विश्राम करें और अगर ऐसा होता है तो रोहित शर्मा ही एकादश में खेलेंगे। ओपनिंग की जिम्मेदारी दिल्ली के दो लड़ाकों वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर के कंधों पर ही टिकी होगी। ये दोनों इतने खतरनाक बल्लेबाज हैं कि अगर 10-12 ओवर तक भी विकेट पर टिक गए तो श्रीलंका के लिए जीत की संभावनाएं उसी समय समाप्त हो जाएंगी। धोनी ने पिछले मैच में खुद को तीसरे नंबर पर प्रोन्नत करके एक दांव खेला था जो बड़ा सफल रहा। धोनी जैसे धुरंधर खिलाड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह मौके की नजाकत के हिसाब से बड़ी आसानी से अपनी शैली बदल लेते हैं। युवराज सिंह और सुरेश रैना भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से उनका बखूबी साथ दे सकते हैं। इस तरह कागज पर भारतीय टीम श्रीलंका से बीस ही नहीं बल्कि इक्कीस नजर आ रही है। लेकिन इस खेल की सबसे बड़ी खासियत इसका अप्रत्याशित होना है।

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