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आवास विकास परिषद ने वर्षो बाद खोला प्लाटों का आवंटनं

उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने कई साल बाद शहरों में प्लाटों का आवंटन खोलने का निर्णय लिया है। प्लाटों का पंजीकरण 16 फरवरी से शुरू होगा और 16 मार्च तक चलेगा। इसमें आम जनता से लेकर बड़े लोगों तक के लिए प्लाट होंगे। यह योजना लखनऊ, कानपुर, मेरठ और मुरादाबाद सहित करीब एक दर्जन शहरों में खोली जा रही है।ड्ढr आवास आयुक्त दीपक कुमार ने पिछले महीने परिषद के अधिकारियों की बैठक की और उनसे पूछा कि आखिर कब से प्लाटों का पंजीकरण नहीं खुला है। इस पर उन्हें बताया गया कि करीब छह साल से परिषद ने प्लाटों का पंजीकरण ही नहीं खोला है। प्लाटों का पंजीकरण न खुलने से आवासीय समस्या बढ़ती गई और पुराने आवंटित प्लाटों की कालाबाजारी बढ़ गई। रिसेल के प्लाट बेचने के धंधे में परिषद के कुछ कर्मचारियों से लेकर कुछ अफसर तक लिप्त हो गए। इस पर दीपक कुमार ने प्रदेश के हर प्रमुख शहर में प्लाटों का पंजीकरण खोलने के निर्देश दिए। इस पर उन्हें बताया गया कि परिषद के पास लैंड बैंक कम है। इस पर आवास आयुक्त ने उन्हें निर्देश दिए कि जहाँ भी जितनी भी भूमि हो, उसमें योजना तैयार की जाए और पंजीकरण खोले जाएँ।ड्ढr अपर आवास आयुक्त आरपी सिंह ने बताया कि परिषद ने करीब ढाई हाार प्लाटों का पंजीकरण पहले चरण में खोलने का निर्णय लिया है। लखनऊ की वृंदावन योजना में करीब 300 प्लाट पंजीकरण में रखे गए हैं। इसी प्रकार हरदोई रोड की आम्रपाली योजना में 51 प्लाटों के लिए पंजीकरण होगा। कानपुर में 450 प्लाट, मुरादाबाद में 1200 प्लाट, मेरठ में 116 प्लाट, बुलंदशहर में 77 प्लाट, सहारनपुर, फरुखाबाद, उरई, झाँसी, बांदा में भी प्लाटों का पंजीकरण खोला जा रहा है। इन शहरों में एक-एक दर्जन से ज्यादा भूखंड पंजीकरण के लिए प्रस्तुत किए गए हैं। श्री सिंह ने बताया कि पंजीकरण में एलआईाी, एमआईाी और एचआईाी टाईप के प्लाट हैं। आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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