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राज्य नहीं बना सकेंगे आईएएस

सिविल सर्विसेज की चयन प्रक्रिया, भर्ती की उम्र और पाठ्यक्रम में व्यापक बदलाव की तैयारी की जा रही है। बदलाव को लेकर एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म कमीशन की सिफारिशों पर केंद्र सरकार ने राज्यों से सलाह मांगी है। कमीशन ने जो सिफारिशें की है यदि उनको लागू किया जाता है तो फिर सिविल सर्विसेज परीक्षा का स्वरूप बदल जाएगा। सिफारिशों में 12 वीं कक्षा के बाद ही युवाओं को सिविल सेवा के लिए तैयार करने पर भी विचार किया गया है। नेशनल डिफेंस अकादमी की तरह से नेशनल सिविल सर्विसेज कॉलेज के गठन की बात की है। इसमें तीन साल का डिग्री कोर्स कराया जाएगा। इनके लिए यूपीएससी चयन परीक्षा का आयोजन करगी। स्टेट सिविल सर्विसेज के अफसरों को आईएएस बनाने का अधिकार राज्यों से छीनकर इसकी जिम्मेदारी यूपीएससी को देने को कहा गया है। कॉमन एंट्रेस टेस्ट के जरिए इनका चयन किया जाएगा। उनके परिणाम के अनुसार राज्य सरकारों को वरिष्ठता सूची दी जाएगी और जब रिक्ितयां होंगी, राज्य सरकारं उनको आईएएस नियुक्त कर सकती हैं। कमीशन ने कहा है कि इससे स्टेट सर्विसेज से योग्य उम्मीदवारों को जल्द ही आईएएस बनने का मौका मिल सकेगा और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। टेस्ट देने के लिए अधिकतम उम्र 40 साल करने का भी प्रस्ताव है। पब्लिक मैनेजमेंट और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में डिग्री कोर्स कराने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के गठन की सिफारिश की गई है।

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