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भैया, यहां तो पोर-पोर में दर्द है..

‘का कहें भैया, दर्द एक जगह हो तो कहें .यहां तो पोर-पोर में दर्द है। किससे कहें और कैसे मिलेगा न्याय। आप ही बताइये..’ पटना सिटी के खाजेकलां इलाके में टेम्पो मालिक द्वारा चालक तब्बू पर किये गये जुल्म की खबर फैलने के बाद शहर के चालकों की जुबां पर उनकी दर्द भरी दास्तां चली आई। मालिकों का शोषण और पुलिसवालों की बेरुखी के बीच रंगदारों के कहर से चालकों के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाती है। वैसे यही हालत वर्षो से बनी हुई है।ड्ढr ड्ढr चालक गजाधर शर्मा, अजय पटेल और शिवबालक राय ने बताया कि ऑटो ड्राइवरों के प्रति मालिक का रवैया किसी से छिपा नहीं है। ऐसे हजारों चालक हैं जो मालिक से भाड़े पर ऑटो लेकर चलाते हैं। नतीजतन चालक की जितनी कमाई होती है उसका बड़ा हिस्सा मालिक ही ले लेते हैं। शेष राशि से ही परिवार का भरण-पोषण करना मजबूरी है।ड्ढr ड्ढr टेम्पो चले या न चले पर मालिक को मोटी राशि का भुगतान करना ही पड़ता है। हद तो यह कि कभी तेल चोरी का तो कभी गाड़ी खराब करने का आरोप लगा कर चालकों को बेवजह अपमानित किया जाता है। टेम्पो स्टैंड में ठेकेदार और पुलिस की मनमानी व अवैध वसूली हर दिन जारी है। पुलिस और परिवहन पदाधिकारी कभी ओवरलोडिंग तो कभी परमिट व अन्य कागजातों को लेकर परशान करते हैं। बहरहाल टेम्पो चालक तब्बू को जिंदा फूंकने की कोशिश के बाद गुस्साये चालक अब सड़कों पर उतर कर आंदोलन का बिगुल फूंकने के मूड में हैं। ऑटो चालक यूनियन के महासचिव अजय पटेल ने बताया कि सोमवार को बैठक करके आंदोलन की रूपरखा तय की जाएगी। शराब की लत में सबकुछ गंवाया टेम्पो चालक नेड्ढr पटना सिटी (सं.सू.)। शराब की लत ने उसे ऐसा गिरफ्त में लिया कि वह अपना सबकुछ गंवा बैठा। टेम्पो चालक मो. आफताब उर्फ तब्बू के घर में पहले दबे पांव गरीबी घुसी फिर शुरू हुआ बर्बादी का सिलसिला। बदकिस्मती ऐसी की एनएमसीएच में जीवन-मौत से जूझ रहे तब्बू को पत्नी का साथ भी नसीब नहीं हो पाया। नशे की आदत और गरीबी से तंग आकर उसकी पत्नी तीन बच्चों समेत चार साल पहले ही घर छोड़कर पीहर जा बसी। टेम्पो बेच डालने का आरोप लगाकर दरिदों ने उसे बंधक बना बुरी तरह पीटा। आर्थिक तंगी के कारण पैसा देने में अक्षम मो. आफताब को जलाकर मारने की चेष्टा भी की गयी। दरिदों के चंगुल से बचे टेम्पो चालक को बहन रहाना खातून व छोटा भाई मुश्ताक ने एनएमसीएच में भर्ती कराया है।ड्ढr ड्ढr हालांकि आफताब ने टेम्पो चोरी चले जाने की बात पुलिस को बतायी है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक उसे शराब पीने की बुरी लत है। इस नशे के कारण ही वह गरीबी की गिरफ्त में है। पहले पत्नी ने साथ छोड़ा और अब मुसीबत से घिर बैठा। मो. आफताब की बूढ़ी मां रूवका खातून (70 वर्षीया) बेटे की दयनीय स्थिति पर बेबस हो भले की दुआ कर रही है।ं

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