DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नरगा में भ्रष्ट तंत्र हचावी : ज्यां द्रेज

ाानेमाने अर्थशास्त्री और नरगा के आर्किटेक्ट प्रो ज्यां द्रेज ने कहा कि नरगा में ठेकेदार, भ्रष्ट अफसर और राजनेता का गठाोड़ अब भी हावी है। इनका नेक्सस लूट-खसोट की पुरानी व्यवस्था को टूटने नहीं देना चाहता, जिसके कारण नरेगा के क्रियान्वयन में कठिनाई हो रही है। प्रो द्रेज रविवार को श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में प्रशिक्षु बीडीओ-सीओ के लिए आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि ठेकेदार फर्ाीवाड़ा करता है, अफसर की मिलीभगत से पैसे की निकासी होती है और इस कार्य को नेता संरक्षण देते हैं। उन्होंने नरगा की पांच बिंदुओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि मांग करने पर 15 दिनों के भीतर काम देना अनिवार्य है। एक यूनिट को साल में कम से कम 100 दिन का रोगार देना है। न्यूनतम मजदूरी का भुगतान आवश्यक है। भुगतान 15 दिनों के भीतर करना है। 15 दिनों के भतर काम नहीं मिलने पर बेरोगारी भत्ता देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि नरगा के कारण अब ग्रामीण न्यूनतम मजदूरी समझने लगे हैं। इसके बावजूद मस्टर रोल में घोटाला जारी है। हरक स्तर पर पीसी फिक्स है, लेकिन हाल के दिनों में ग्रामीणों की जागरुकता के कारण इसमें कुछ कमी आयी है। बैंक से पेमेंट कराने का भी लाभ मिल रहा है। हलांकि यह फूल प्रुफ व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि बीडीओ की जिम्मेवारी है कि नरगा में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगायें। झारखंड के कई जिलों में बीडीओ ग्रामीणों के आवेदन तक लेने से घबड़ाते हैं। पेज 16 भी देखें

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: नरगा में भ्रष्ट तंत्र हचावी : ज्यां द्रेज