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कांग्रेस मुलायम के बीच आरोप-प्रत्यारोप चालू आहे

ांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता उत्तर प्रदेश में सीटों के तालमेल करने की बातें भी करते हैं और लगे हाथों एक दूसर के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप भी लगाते हैं। कांग्रेस के लोग सीधे मुलायम सिंह के बार में कुछ बोलने के बजाए उनके साथ आए राज्य के पूर्व भाजपाई मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पर निशाना साध रहे हैं। सपा के नेता अनौपचारिक बातचीत में इस तरह की बयानबाजियों को अधिक सीटें हासिल करने के लिए दबाव बनाने की कांग्रेसी रणनीति करार दे रहे हैं। उनका तो यह भी कहना है कि दबाव बनाने के लिए मुलायम सिंह के खिलाफ सीबीआई के मुकदमे का इस्तेमाल भी हो रहा है। कल्याण सिंह के बार में कांग्रेस नेताओं की कटूक्ितयों के जवाब में मुलायम सिंह और अमर सिंह का कहना है कि बाबरी मसिद के विध्वंस के लिए कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार भी कम जिम्मेदार नहीं थी। और फिर यह कांग्रेस ही थी जिसने ताला खुलवाया और राम मंदिर का शिलान्यास करवाया था। उनके अनुसार कल्याण सिंह पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस के लोगों को अपनी पार्टी में शामिल पूर्व भाजपाई मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला और शिवसेना के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे तथा संजय निरूपम के अतीत के बार में सोचना चाहिए। सपा के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार वे लोग कल्याण का साथ नहीं छोड़ने वाले। कांग्रेस को तय करना होगा कि हमसे तालमेल करना है कि नहीं। तालमेल करना है तो उसके नेताओं को कल्याण सिंह को लेकर बयानबाजी बंद करनी चाहिए क्योंकि ऐसा करके वे न सिर्फ सांप्रदायिक और जातिवादी ताकतों की मदद कर रहे हैं, दोनों दलों के भावी तालमेल की चुनावी संभावनाओं पर प्रहार भी कर रहे हैं। जवाब में कांग्रेस के उत्तर प्रदेश मामलों के प्रभारी महासचिव दिग्विजय सिंह और पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष वीरप्पा मोइली का भी कहना है कि कांग्रेस का तालमेल समाजवादी पार्टी के साथ होगा। उन्हें इस बात से कुछ भी लेना देना नहीं कि सपा के साथ कौन लोग खड़ा होते हैं। हम उन पर दबाव नहीं बना सकते कि वह किसको साथ लें और किसको नहीं। लेकिन जहां तक कल्याण सिंह का सवाल है, कांग्रेस उन्हें सांप्रदायिक और बाबरी मसिद के विध्वंस का जिम्मेदार मानती है। श्री मोइली ने हिन्दुस्तान से कहा कि बाबरी विध्वंस के लिए केंद्र को जिम्म्ेदार ठहराना बेमानी है क्योंकि कानून व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी होती है, केंद्र की नहीं। उनके अनुसार कल्याण सिंह की तुलना वाघेला और राणे से नहीं की जा सकती। इन दोनों ने कभी भी मसिद विध्वंस की जिम्मेदारी नहीं ली जबकि कल्याण इसकी जिम्मेदारी लेने के साथ ही इसके लिए खुद को गौरवान्वित भी महसूस कर चुके हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार पार्टी सपा के साथ किसी तरह का तालमेल करने से पहले उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबाआई के मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का इंतजार करने के पक्ष में है। इस बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस में एक बड़ा तबका ब्लाक और जिला कांग्रेस अध्यक्षों के सम्मेलन से मिली ऊरा के बहाने अकेले दम चुनाव लड़ने की बातें कर रहा है जबकि मुलायम सिंह यादव से बातचीत कर रहे नेता संकेतों में बताते हैं कि सपा उनके लिए तकरीबन 18-20 सीटें छोड़ने पर राजी हो सकती है जबकि कांग्रेस आधा दर्जन सीटों पर दोस्ताना संघर्ष हो सकता है।

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  • Web Title: कांग्रेस मुलायम के बीच आरोप-प्रत्यारोप चालू आहे