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काबुल में आत्मघाती हमला, 20 से अधिक नागरिक मारे गए

काबुल में आत्मघाती हमला, 20 से अधिक नागरिक मारे गए

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में नाटो सैनिकों को निशाना बना कर मंगलवार को किए गए एक आत्मघाती कार बम हमले में 20 से अधिक नागरिक मारे गए। सेना के एक डॉक्टर ने बताया कि पिछले कुछ माह में यह सर्वाधिक भीषण हमला था।

हमलावर ने व्यस्ततम समय में पश्चिमी काबुल में सेना के एक भर्ती केंद्र तथा अस्पताल के समीप यह विस्फोट किया। अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने बताया कि हमले का निशाना नाटो का अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) था।

अफगान सेना के प्रमुख चिकित्सक जनरल अहमद जिया यफ्ताली ने बताया कि अब तक हमारे अस्पताल में पांच शव लाए जा चुके हैं। मरने वालों की संख्या 20 से अधिक है। सभी आम नागरिक हैं।

अभी तक हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है लेकिन तालिबान मिलीशिया पिछले नौ साल में अमेरिका नीत बलों और पश्चिम समर्थित अफगान सरकार के विरोध में आत्मघाती हमलावर तैयार करता रहा है।

यह हमला काबुल में 26 फरवरी के बाद सर्वाधिक भीषण हमला था। 26 फरवरी को राजधानी में आत्मघाती हमले में 16 लोग मारे गए थे जिनमें विदेशी और भारतीय भी शामिल थे। उच्च सुरक्षा वाली राजधानी में पिछले 12 माह के दौरान उग्रवाद तथा हमले की घटनाओं में तेजी आई है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जेमेरी बाशरे ने बताया कि यह आत्मघाती हमला था और इसका निशाना शहर के पश्चिमी हिस्से में आईएसएएफ था। बाशरे ने विस्तृत ब्यौरा न देते हुए बताया हताहतों की संख्या अधिक है।

आईएसएएफ का कहना है कि वह अभी पुष्टि नहीं कर सकता कि हमले में नाटो का कोई जवान हताहत हुआ या नहीं। लेकिन उसने यह भी कहा कि वह बचाव अभियान में मदद कर रहा है।

अफगान टेलीविजन पर विस्फोट स्थल के फुटेज दिखाए जा रहे हैं जिनमें अमेरिकी सैनिक और अफगान पुलिस एक मिनीवैन की जांच करते नजर आ रहे हैं।

पिछले माह अफगान अधिकारियों ने ऐलान किया था कि उन्होंने नौ आत्मघाती हमलावरों को गिरफ्तार किया है जो काबुल में रणनीतिक ठिकानों पर हमले का साजिश रच रहे थे।

देश की जासूसी एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि 16 से 55 साल की उम्र के इन लोगों को एक समन्वित अभियान के दौरान पकड़ा गया। इस दौरान मदरसे में भी छापा मारा गया था।

इस साल जनवरी से अब तक नाटो के 202 जवान हमलों में मारे जा चुके हैं। तालिबान के हमले तेज होने के बाद पश्चिमी देशों ने हजारों सैनिक अफगानिस्तान भेजे हैं।

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