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14 जुलाई, 2020|7:43|IST

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बाबरी मस्जिद विध्वंस: पुलिस अधीक्षक अंजू गुप्ता से जिरह

बाबरी मस्जिद विध्वंस: पुलिस अधीक्षक अंजू गुप्ता से जिरह

दिसंबर, 1992 में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की सुरक्षा में तैनात आईपीएस अधिकारी अंजू गुप्ता ने बाबरी मस्जिद गिराए जाने से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत को शनिवार को बताया कि पार्टी नेता विनय कटियार ने उन्हें दो बार मंच से दूर भेज दिया था ताकि उन्हें वहां की गतिविधियों से दूर रखा जा सके।

अंजू गुप्ता मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील हरिदत्त शर्मा के सवालों का जवाब दे रही थीं। शर्मा द्वारा यह पूछे जाने पर कि वह पहली बार रामकथा कुंज (मंच) पर कितनी देर रूकीं, अधिकारी ने बताया कि वह वहां कुछ मिनट ही रूकी। उन्होंने कहा कि मंच पर पहुंचने के कुछ ही देर बाद विनय कटियार ने आडवाणी के काफिले की दिशा बदलने के लिए मुझे पुलिस नियंत्रण कक्ष जाने को कहा।

उन्होंने कहा कि जब वह लौट कर मंच पर आई तो कटियार ने उनसे आडवाणी की कार रामकथा कुंज तक लाने को कहा। वह उनके ही कहने पर काफिले को नियंत्रण कक्ष से मंच तक लाने गई थी। शर्मा के एक सवाल के जवाब में अंजू गुप्ता ने कहा कि भीड़ बढ़ती जा रही थी और मंच से भाषण दिए जा रहे थे और बीच बीच में नारेबाजी भी हो रही थी। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि आडवाणी पुलिस नियंत्रण कक्ष के पास ही कार से उतर गए और वहां से 150-175 मीटर की दूरी पर बने मंच तक पैदल गए थे।

अधिकारी ने कहा कि जब वह सुबह 10-15 मिनट पर राम जन्मभूमि परिसर पहुंची, हजारों लोग पहले से वहां एकत्र थे। अंजू गुप्ता ने कहा कि जिला प्रशासन से मिले किसी आदेश में सांकेतिक कार सेवा का जिक्र नहीं किया गया था। अधिवक्ता ने उनसे सवाल किया था कि क्या उन्हें इस तथ्य की जानकारी थी कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी के तहत सांकेतिक कार सेवा की जा रही थी। अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नही थी कि सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या में छह दिसम्बर को अपनी निगरानी में सांकेतिक कार सेवा की अनुमति दे रखी थी।

न्यायाधीश गुलाब सिंह की अदालत में अंजू गुप्ता ने कहा कि उन्हें सिर्फ यह जानकारी थी कि उच्चतम अदालत ने विवादित स्थल पर छह दिसंबर को मंदिर निर्माण के लिए कार सेवा पर रोक लगा रखी है।

बचाव पक्ष ने सुबह सवा आठ बजे से शुरू हुई लगभग दो घंटे की कार्यवाही के दौरान जिरह में अधिकारी से लगभग डेढ़ दर्जन सवाल पूछे। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई आठ जून तक के लिए स्थगित कर दी। अधिकारी से जिरह जारी रहेगी। बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अहम गवाह मानी जा रही गुप्ता ने 26 मार्च को अदालत में अपने बयान दर्ज करवाए थे। इस पर बचाव पक्ष की तरफ से 23 अप्रैल, 29 अप्रैल और आज जिरह हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि छह दिसम्बर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में दो मुकदमे दर्ज किए गए थे। एक मुकदमे की सुनवाई रायबरेली में सीबीआई की विशेष अदालत में हो रही है। इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विहिप अध्यक्ष अशोक सिंघल, विनय कटियार, उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, आचार्य गिरिराज किशोर सहित आठ लोग आरोपी हैं।

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