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सड़क की तरह दिखी विधानसभा

उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र मंगलवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच शुरू हुआ। राज्यपाल टी. वी. राजेस्वर ने महा पाँच मिनट में अभिभाषण की औपचारिकता पूरी की। इस दौरान मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के विधायकों ने उन्हें काले झण्डे दिखाए, उन पर कागज के गोले फेंके और सरकार विरोधी बैनर लहराए। हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री मायावती और नेता विपक्ष मुलायम सिंह यादव अपनी-अपनी सीट पर मौजूद थे। भाजपा ने राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार की घोषणा पहले ही कर रखी थी।ड्ढr ग्यारह बजे जब राज्यपाल विधानसभा मण्डप में विधानमण्डल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण के लिए पहुँचे तो विपक्षी सदस्यों ने एक साथ शोर-शराबा शुरू कर दिया। सपा विधायक काले झण्डे के साथ खड़े हो गए और औरैया के इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता हत्याकाण्ड, मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर कथित वसूली और किसानों की दुर्दशा सम्बन्धी बैनर लहराने लगे। सपा के कुछ सदस्य सदन के बीच आ गए। वहीं कुछ सदस्य रिपोर्टरों की मेज पर चढ़ गए। कांग्रेस और रालोद विधायक अपनी सीटों पर खड़े होकर विरोध दर्ज कराते रहे। सपा सदस्यों के कागज के गोलों से राज्यपाल को बचाने में सुरक्षाकर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करीब चार मिनट तक राज्यपाल ने उत्तेजित सदस्यों से शांत बैठने का अनुरोध किया। शोर-शराबे के बीच ही राज्यपाल ने पहला वाक्य और अंतिम लाइन पढ़ कर अभिभाषण की औपचारिकता पूरी की और ‘जय हिन्द’ बोल कर चले गए।ड्ढr शोर-शराबे पर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमने राज्यपाल के प्रति असम्मान नहीं दिखाया। केवल अभिभाषण का विरोध किया क्योंकि अभिभाषण राज्य सरकार का दस्तावेज है। रालोद ने भी मथुरा में किसानों पर फायरिंग की घटना पर विरोध प्रकट किया।

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