अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वक्त से पहले ही गेहूँ खरीद लक्ष्य पूरा

मूल्य समर्थन योजना के तहत सरकारी गेहँू की खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई और 30 जून तक चलने वाली इस खरीद का राजधानी में लक्ष्य 37 दिन में ही पूरा कर लिया गया है। जबकि सरकारी खरीद के लिए निर्धारित 53 दिन अभी बाकी हैं। यह हालत तब है जबकि नेफेड एजेंसी ने एक किलो भी गेहँू नहीं खरीदा है। अपनी इस उपलब्धि पर क्रय केन्द्र प्रभारी व सम्बंधित एजेंसियाँ भले ही एक दूसरे की पीठ थपथपा रही हों मगर ग्रामीण इलाकों में जोरदार चर्चा है कि यह गेहँू किसानों से नहीं बल्कि बिचौलियों ने खुले बाजार से कम कीमत पर खरीद कर सरकारी क्रय केन्द्र पर 1080 रुपए प्रति कुन्तल की दर से बेच दिया। यानी जो मुनाफा किसानों को मिलना चाहिए था वह बिचौलियों की जेब में चला गया।ड्ढr राजधानी में सरकारी गेहँू की खरीद का लक्ष्य 10 हाार टन रखा गया है। जिला सूचना कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सात मई तकीसदी यानी टन गेहँू खरीदा जा चुका है। गेहँू खरीद के लिए 34 क्रय केन्द्र बनाए गए हैं जिसमें खाद्य विभाग की विपणन शाखा को 4 हाार टन, पीसीएफ को 2 हाार टन, एसएफसी को 2600, यूपी एग्रो को 600 टन, यूपी एसएस को 1200 टन, नेफेड को 600 टन गेहँू खरीदने का लक्ष्य दिया गया। इनमें विपणन शाखा ने लक्ष्य से एक हाार टन अधिक गेहँू खरीदा तो पीसीएफ ने भी अपने लक्ष्य से 300 टन अधिक खरीदारी की है। यूपी एग्रो ने लक्ष्य के आधे से भी कम 260 टन खरीददारी की है। नेफेड को 600 टन गेहँू खरीदना है लेकिन अभी तक संबंधित एजेंसी ने एक भी क्रय केन्द्र नहीं बनाया। यह उपलब्धि तब हो चुकी है जबकि अभी सरकारी गेहँू खरीद के लिए 53 दिन बाकी हैं।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: वक्त से पहले ही गेहूँ खरीद लक्ष्य पूरा