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1 जून, 2020|1:53|IST

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तमिलनाडु विधानपरिषद के गठन का रास्ता साफ

तमिलनाडु में विधान परिषद के गठन का प्रावधान करने वाले विधेयक को संसद ने गुरुवार को अपनी मंजूरी दे दी। अन्नाद्रमुक और वाम दलों के सदस्यों के वाकआउट के बीच लोकसभा ने आज ध्वनिमत से विधेयक को पारित किया जबकि राज्यसभा इसे कल ही मंजूरी दे चुकी है।
   
केन्द्रीय कानून मंत्री एम वीरप्पा मोइली ने तमिलनाडु विधान परिषद विधेयक 2010 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि वह राज्यों में विधान परिषद गठित करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ विचार विमर्श के लिए तैयार हैं ताकि इस मुद्दे पर सहमति तैयार हो सके।

सदस्यों द्वारा पंजाब और असम के संबंध में विधान परिषद गठित नहीं करने को लेकर व्यक्त विचारों पर मोइली ने कहा कि पंजाब में विधान परिषद गठित करने संबंधी विधेयक इसलिए नहीं लाया जा सका क्योंकि राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर यह कहा है कि उसके पास इसके लिए जगह की कमी है और इससे वित्तीय बोझ भी पड़ेगा। इसी प्रकार असम में विधान परिषद गठित करने के मामले पर राज्य सरकार ने विधायी विभाग द्वारा भेजे गए पत्रों का जवाब नहीं दिया है।

मोइली ने तमिलनाडु में विधान परिषद गठित करने के लिए विधेयक लाने को सही ठहराते हुए कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी द्रमुक ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसका वादा किया था। उन्होंने कहा कि किसी राज्य में विधान परिषद का गठन करना या नहीं करना उस राज्य के फैसले पर निर्भर करता है और संविधान में यह अधिकार राज्यों को दिया गया है। केन्द्र सरकार अपनी ओर से राज्यों से आग्रह नहीं कर सकती कि वे विधान परिषद के गठन के लिए प्रस्ताव भेजें। अन्नाद्रमुक नेता थंबीदुरई ने विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर वह इसे फिर से निरस्त कर देंगे।

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  • Web Title:तमिलनाडु विधानपरिषद के गठन का रास्ता साफ