अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हर साल दो हचाार करोड़ का घाटा

झारखंड को हर साल दो हाार करोड़ का नुकसान हो रहा है। जब तक राज्य सरकार उपायों पर गौर नहीं करगी, तबतक प्रदेश की स्थिति बेहतर नहीं हो सकती है। 13वें वित्त आयोग को सौंपी रिपोर्ट में एजी ने राज्य का वित्त प्रबंधन असंतोषजनक रहने की जानकारी दी है।ड्ढr रिपोर्ट में राज्य की आर्थिक स्थिति पर एजी ने कहा है कि राज्य को अपने कारणों से डेढ़ से दो हाार करोड़ प्रति वर्ष राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। पहले राज्य को 45 प्रतिशत केंद्र से आर्थिक सहायता एवं संसाधन मिलता था। राज्य सरकार अपने बूते 55 प्रतिशत राजस्व की उगाही करती थी। अब केंद्रीय संसाधन से 60 प्रतिशत राज्य को मिलता है।ड्ढr राज्य सरकार अपने बूते केवल 40 प्रतिशत राजस्व की उगाही कर रही है। इसमें वाणिज्य कर, उत्पाद कर तथा अन्य राजस्व इकाइयों से हो रहे नुकसान को दिखाया गया है। बजट पारित करते समय राजस्व वसूली का जो आंकलन किया जाता है, साल के अंत में वह विफल हो जाता है।ड्ढr वर्ष 2008-0में राज्य ने राजस्व से 8448 करोड़ आमदनी होने का दावा किया गया था। इस साल करीब 5300 करोड़ रुपये की ही वसूली हुई। प्रदेश की आर्थिक स्थिति बहुत खराब नहीं है, लेकिन विकास के लिए जो योजनाएं बनती हैं, उस पर सही ढंग से खर्च नहीं हो पाता। सीएजी रिपोर्ट में जो खामियां उाागर हुई हैं, उन पर सरकार द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गयी है। भविष्य के लिए भी सुधारात्मक उपाय नहीं किये गये हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: हर साल दो हचाार करोड़ का घाटा