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रैिगग कतई बर्दाश्त नहीं

सुप्रीम कोर्ट न राज्य सरकारां का निर्देश दिए हैं कि रैगिंग के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेन्स’ नीति अपनाई जाए। सर्वोच्च अदालत ने रैगिंग की बढ़ती घटनाओं को शैक्षिक अवमूल्यन का लक्षण मानते हुए कॉलेजों में मनोचिकित्सक रखने जसे महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।ड्ढr हिमाचल प्रदेश में मेडिकल छात्र अमन काचरू की रैगिंग के कारण मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर गंभीर रुख अख्तियार किया था। अमन काचरू की मौत नशे में धुत सीनियर्स की पिटाई से हुई थी। अदालत ने दो सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल को काचरू की मौत की जाँच के निर्देश दिए थे। मानव संसाधन मंत्रालय ने अदालत के ही निर्देशों पर सीबीआई के पूर्व निदेशक एमके राघवन की अध्यक्षता में कमेटी बनाकर रैगिंग के कारण और रोकने के उपाय पूछे थे। कमेटी ने कहा था कि रैगिंग मनोवैज्ञानिक समस्या है। इसलिए वरिष्ठ छात्रों को मनोवैज्ञानिक सलाह देने की आवश्यकता है।ड्ढr इस मामले में पिछली सुनवाई (23 अप्रैल) में अदालत ने कोई फैसला नहीं दिया था। शुक्रवार को न्यायमूर्ति अरिाीत पसायत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दो सदस्यीय पैनल के सुझावों को मंजूरी दे दी। राघवन कमेटी के सुझावों को भी अदालत ने महत्वपूर्ण माना और कहा कि कॉलेजों में बढ़ती शराबखोरी चिंता का विषय है। इनसेट— 1ड्ढr कमेटी की रिपोर्टड्ढr रैगिंग न रुकने के पीछे मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया की लापरवाहीड्ढr राघवन कमेटी की सिफारिशें लागू नहीं की गई हैंड्ढr कॉलेजों में शराबखोरी बढ़ी, एंटी रैगिंग दस्ते नहीं हैंड्ढr हॉस्टलों में फुल टाइम वार्डन नहीं हैंड्ढr स्थानीय एसपी को रैगिंग के लिए सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएड्ढr एंटी रैगिंग डाटा बेस बने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशड्ढr कॉलेज के लिए - छात्रों, स्टाफ और अध्यापकों की काउंसिलिंग के लिए मनोचिकित्सक नियुक्ित हों।ड्ढr कॉलेजों में शराबखोरी और िहसा रोकने के लिए नशामुक्ित केंद्र और मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवा केंद्रों की स्थापना करं।ड्ढr राज्य सरकार के लिए- रैगिंग संबंधी मामलों की जाँच और निगरानी के लिए कमेटियाँ बनाएँ।ड्ढr रैगिंग रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार जो कदम उठाएँ, उन पर अदालत में शपथ पत्र दे। इनसेट— 2ड्ढr उपाय अपर्याप्त, निर्देश सहीड्ढr हालाँकि सुझाए गए उपाय पर्याप्त नहीं हैं लेकिन फिर भी कॉलेजों में शराबखोरी और नशे के बढ़ते चलन पर रोक लगेगी।ड्ढr एमके राघवन, पूर्व निदेशक सीबीआई निष्पक्ष निगरानी होनी भी जरूरीड्ढr यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इनका पालन हो। ऐसे तमाम फैसले आ सकते हैं। जब तक इन पर अमल नहीं होगा स्थिति नहीं सुधरेगी।ड्ढr राजेन्द्र काचरू, अमन के पिता

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