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ंरगमंच की दशा पर जतायी चिंता

र पुस्तक मेला में गुरुवार को हिंदी रंगमंच : दशा और दिशा विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें प्रबुद्ध रंगकर्मियों ने हिंदी रंगमंच की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि आज नाटक के क्षेत्र में सन्नाटा नजर आने लगा है। रांची में रंगकर्म का अतीत गौरवशाली रहा है, लेकिन वर्तमान में इस पर संकट है। रंगकर्म को रोजगार से जोड़ना होगा। गोष्ठी में बलदेव नारायण ठाकुर, अशोक पागल, सुशील अकन, विश्वनाथ प्रसाद, कुमकुम गौड़, कमल बोस, राजश्री जयंती आदि ने विचार व्यक्त किये।गगनचुंबी इमारतों से प्रभावित होता है मौसमरांची। आइआइटी खड़गपुर के प्रो डॉ एनबी सत्यनारायण ने कहा है कि गगनचुंबी इमारतों से मौसम प्रभावित होता है। इस पर गहन अध्ययन की जरूरत है। वह एप्लाइड मैथेमेटिक्स डिपार्टमेंट बीआइटी में चल रहे माइक्रोमेट्रोलॉजी, लैंड सरफेस प्रोसेसेज इट्स ऑब्जर्वेशनल टेक्िनक एंड एनालिसिस प्रशिक्षण में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी तक देश में ग्रासलैंड सरफेस पर ही काम किया गया है। ऊंची इमारतों के निर्माण से पूर्व यह नहीं देखा गया कि इसका मौसम पर क्या असर पड़ेगा।ड्ढr शिविर को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस के प्रो जीएस भट्ट और एप्लाइड मैथेमेटिक्स डिपार्टमेंट बीआइटी के डॉ मनोज कुमार ने भी संबोधित किया।

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