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एडवाइजरी बोर्ड ने कहा,वरुण पर रासुका गलत

यूपी सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगीड्ढr हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश प्रदीप कांत की अध्यक्षता वाले एडवाक्षरी बोर्ड ने भाजपा नेता वरुण गांधी पर लगाए गए एनएसए को गलत ठहराया है। दूसरी तरफ, देर शाम मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक के बाद फैसला किया गया कि राज्य सरकार बोर्ड के इस निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करेगी।ड्ढr राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि वह अभी अपने फैसले पर कायम है कि वरुण गांधी पर रासुका लगाना उचित था। गृह विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि राज्य सरकार एडवाक्षरी बोर्ड की संस्तुति को उचित नहीं मानती। बोर्ड ने बिना आवश्यक तथ्यों पर विचार किए इस मामले में सलाह दे दी है। पीलीभीत के डीएम ने बोर्ड के सामने अपना पक्ष रखने के लिए समय माँगा था पर उन्हें सुनवाई का मौका ही नहीं दिया गया। वैसे भी यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रवक्ता ने कहा कि वरुण पहले ही पैरोल पर बाहर हैं। उनके खिलाफ उत्तेजनात्मक भाषण कर धार्मिक भावनाएँ भड॥काने संबंधी मामले में अन्य कार्रवाई प्रगति पर है।ड्ढr राज्य सरकार ने पीलीभीत जिला प्रशासन की रिपोर्ट की संस्तुति पर वरुण गांधी पर बीती 2मार्च को रासुका लगाया था। वरुण पर आरोप था कि उन्होंने सात और नौ मार्च को पीलीभीत में भड॥काऊ भाषण दिए। उसके बाद 28 मार्च को उनके आत्मसमर्पण के दौरान हुए उपद्रव के लिए भी उन्हें ही दोषी बताया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बने इस मामले में एडवाक्षरी बोर्ड के निर्णय से यह मसला फिर गरमा गया है। एडवाक्षरी बोर्ड ने वरुण पर लगाए गए एनएसए को गैरवाजिब बताया है। सर्वोच्च न्यायालय इस प्रकरण में पहले ही वरुण गांधी को 14 मई तक के लिए पैरोल पर रिहा कर चुका है। वरिष्ठ अधिवक्ता आईबी सिंह के मुताबिक अगर हाईकोर्ट के तीन न्यायाधीशों वाला एडवाक्षरी बोर्ड यह कहता है कि आरोपित व्यक्ित पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया जाना गलत है तो फिर यह सरकार के लिए बाध्यकारी है। उसे एनएसए हटाना पड़ेगा।

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