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पहली बार रसूखवालों पर हाथ डाला निगरानी ने

भी मामले को दाखिल दफ्तर करने के लिए मशहूर हो चुका निगरानी ब्यूरो अब दूसर रूप में सामने आ रहा है। राज्य बनने के बाद पहली बार निगरानी के अधिकारियों ने यह बताया कि जो आरोप निगरानी पर लगते रहे हैं, वे ठीक नहीं हैं। बड़े घरानों में छापमारी की गयी और अकूत संपत्ति का पता चला। पूरी कार्रवाई सीबीआइ की तर्ज पर चल रही थी।ड्ढr जब तक निगरानी की टीम दोनों आरोपी मंत्रियों के घर में थी, तब तक घर के सभी सदस्य कैद थे। न बाहर से किसी को आने की इजाजत थी और न ही अंदर से किसी को बाहर जाने की। दोनों पूर्व मंत्रियों के सरकारी आवासों की चप्पे-चप्पे की छानबीन की गयी। आलमीरा खोलकर देखा गया। निगरानी की टीम को जो जरूरी लगा, उसे जब्त किया गया। इसी क्रम में दो लैपटॉप मंत्रियों के यहां से निगरानी को मिल गये हैं। इन लैपटॉप में कई तरह की जानकारी होने का दावा किया जा रहा है। पूर्व मंत्री एनोस एक्का के लिए उनकी पत्नी के नाम एक्का कंस्ट्रक्शन और पूर्व मंत्री हरिनारायण राय के लिए महामाया कंस्ट्रक्शन अब गले की हड्डी बननेवाले हैं। इन दोनों कंपनियों को जो ठेका मिला, अगर वह उसी विभाग से संबंधित है, जिसके वे मंत्री रहे हैं, तो उसे आय में जोड़ा जायेगा और पद का दुरुपयोग भी माना जायेगा। इतना ही नहीं छोटानागपुर टनेंसी एक्ट के तहत जो भूमि खरीदी गयी, अगर उसमें नियमों का उल्लंघन हुआ होगा, तो संबंधित अधिकारी भी लपेटे में आयेंगे। दोनों के रिश्तेदारों के नाम जो कंस्ट्रक्शन है, उसमें एक-एक बार में कभी एक तो कभी दो करोड़ तक के लेनदेन हुए हैं। लॉकर में क्या है इसका भी पता लगाया जायेगा। निगरानी को एनोस एक्का ने एक करोड़ 20 लाख और हरिनारायण राय ने एक करोड़ की भूमि चार साल के दौरान खरीदने की जानकारी दी थी। लेकिन निगरानी के अधिकारियों ने जांच के दौरान जो तथ्य एकत्रित किये हैं उनमें भूमि खरीद में पांच करोड़ से ज्यादा इनवेस्ट करने का दावा है। नलिन सोरन मामले में सुनवाई अब 28 को पूर्व कृषि मंत्री नलिन सोरन के खिलाफ दायर शिकायतवाद पर अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी। मामले की सुनवाई 13 फरवरी को ही होनी थी। परंतु शिकायतकर्ता के अधिवक्ता एनके चौबे ने टाइम पिटीशन देकर 28 फरवरी तक का समय मांग लिया। कोर्ट ने टाइम पिटीशन पर विचार करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 28 फरवरी मुकर्रर की है।ड्ढr इस मामले की सुनवाई सीबीआइ के स्पेशल जज सह निगरानी कोर्ट के प्रभारी जज एएच अंसारी ने छह फरवरी को भी की थी। इसके बाद सुनवाई की अगली तिथि 13 फरवरी को निर्धारित की गयी थी।ड्ढr मालूम हो कि शिकायतकर्ता विनीत कच्छप (चुटिया निवासी) ने पूर्व कृषि मंत्री नलिन सोरन और कृषि निदेशक निस्तार मिंज पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि दोनों ने इनकम से अधिक की सपंत्ति बनायी है। उन्होंने पूर्व कृषि मंत्री और कृषि निदेशक के खिलाफ निगरानी के विशेष न्यायाधीश एके सिंह की अदालत में 2ानवरी को शिकायतवाद दर्ज कराया था। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता एनके चौबे ने पैरवी की थी।कोड़ा व अन्य मंत्रियों के मामले में 18 को सुनवाईड्ढr रांची। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत उनके कैबिनेट के तीन मंत्रियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में 18 फरवरी को सुनवाई को होगी। इससे पूर्व चार फरवरी को इस मामले की सुनावई होनी थी परंतु शिकायतकर्ता के अधिवक्ता रानीश कुमार ने टाइम पिटीशन देकर मामले की सुनवाई के लिए 18 फरवरी का समय मांगा था। कोर्ट ने उनके आवेदन पर विचार करते हुए मामले की सुनवाई के लिए 18 फरवरी का समय निर्धारित किया है। मालूम हो कि अशोकनगर निवासी राजीश शर्मा ने पूर्व सीएम मधु कोड़ा समेत उनके कैबिनेट के सहयोगी मंत्री बंधु तिर्की, भानू प्रताप शाही और कमलेश कुमार सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है।

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