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27 फरवरी, 2020|1:36|IST

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स्थानीय को मिलेगी प्राथमिकता

राज्यपाल की परामर्शी परिषद ने जिला पुलिस एवं सशस्त्र बल की नियुक्ित प्रक्रिया में संशोधन कर उम्मीदवारों के लिए कई प्रकार की छूट की व्यवस्था की है। नयी व्यवस्था के तहत बड़े पैमाने पर होने वाली नियुक्ित में उत्पन्न बाधा अब समाप्त हो गयी है। स्वीकृत प्रस्ताव में पुलिस बहाली में स्थानीय निवासी एवं जनजातीय भाषा जानने वाले को विशेष अवसर दिये जायेंगे। शारीरिक जांच के आधार पर अलग से नंबर तय होंगे। जो अभ्यर्थी पांच मिनट में एक मील की दूरी तय करेंगे, उन्हें 20 अंक और जो छह मिनट में इसे तय करंगे, उन्हें 10 अंक मिलेंगे। महिलाओं के लिए यह समय आठ और दस मिनट तय किया गया है। पुरुषों के लिए न्यूनतम 4 फीट ऊंची कूद अनिवार्य है। महिलाओं के लिए यह तीन फीट निर्धारित की गयी है। इसके अतिरिक्त ऊंची कूद करने पर बोनस अंक मिलेंगे। पुरुषों के लिए लंबी कूद की न्यूनतम दूरी 12 फीट तय है। 16 फीट से ऊपर करने पर अतिरिक्त पांच अंक मिलेंगे। महिलाओं के लिए यह न्यूनतम दूरीीट है। गोला फेंक भी अनिवार्य किया गया है। इसमें पुरुषों के लिए 16 पाउंड का गोला 16 फीट फेंकना अनिवार्य होगा। महिलाओं को दो पौंड की छूट दी गयी है। इसमें पास करने वाले उम्मीदवारों को हिंदी की लिखित परीक्षा 100 अंक की देनी होगी। जनजातीय भाषा की परीक्षा अनिवार्य है। द्वितीय भाग में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा की लिखित परीक्षा ली जायेगी, जिसमें 30 अंक लाना अनिवार्य है। नियुक्ित के लिए पुलिस मुख्यालय विज्ञापन प्रकाशित करगा। क्षेत्रीय स्तर पर समिति शारीरिक एवं लिखित परीक्षा की तिथि तय करगी। सफल उम्मीदवारों का मेरिट लिस्ट बनेगा। शारीरिक जांच में असंतुष्ट होने पर डीआइजी के पास अपील कर सकेंगे। एसपी स्तर के दो अधिकारियों की देखरख में चयन पर्षद होगी, जो नियुक्ित प्रक्रिया को अंतिम रूप देगी।ड्ढr सैफ में नियुक्ित का मार्ग प्रशस्तड्ढr रांची। स्पेशल ऑक्िालियरी फोर्स (सैफ) में अनुबंध पर बहाली के लिए आरक्षण प्रावधानों को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें सेना के सेवानिवृत्त जवान एवं अधिकारियों को अनुबंध के आधार पर नियुक्त करना है। आरक्षण के चलते इसमें पूरी नियुक्ित नहीं पा रही थी। सरकार ने पाया कि सेना में आरक्षण नहीं है, इसलिए आरक्षित वर्ग के लोगों का मिलना मुश्किल है। फिलहाल सरकार ने आरक्षण प्रावधानों को शिथिल कर नियुक्ित करने की व्यवस्था की है। बाद में आरक्षण श्रेणी के लोग जब उपलब्ध होंगे, तो आरक्षित कोटि पर नियुक्त लोगों को हटा दिया जायेगा। राज्य सरकार नक्सली गतिविधि की रोकथाम, जेल सुरक्षा समेत महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात करने के लिए सैप गठित करने का निर्णय लिया था। मापदंडजिला पुलिस के लिए सामान्य ऊंचाई 160 सेमी, सीना- 81 सेमीड्ढr ओबीसी के लिए 160 सेमी, सीना- 81 सेमीड्ढr एससी-एसटी 155 सेमी, सीना- 7सेमीड्ढr महिलाओं के लिए ऊंचाई 148 सेमीड्ढr सशत्र पुलिस के लिए सामान्य ऊंचाई 165 सेमी, सीना- 81 सेमीड्ढr ओबीसी ऊंचाई 165 सेमी, सीना- 81 सेमीड्ढr एससी-एसटी ऊंचाई 160 सेमी, सीना- 7सेमीड्ढr शैक्षणिक योग्यता- सातवां पासड्ढr आयु सीमाड्ढr सामान्य जाति- 18 से 25ड्ढr ओबीसी- 18 से 27 वर्षड्ढr एससी-एसटी-18 से 30ड्ढr महिला- 18 से 28 वर्ष

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