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बुलेट ट्रेन से बैलेट पर निशाना

रेल मंत्री लालू प्रसाद 2000 के अंतरिम रल बजट में गिली गिली छू का जादू नहीं दिखा पाये। आर्थिक मंदी की मार ने उनकी रल के पहिये थाम लिये। लोकसभा में बजट पेश करते उन्होंने यह माना भी कि यदि मंदी की पटरी पर रल न दौड़ रही होती तो एक लाख करोड़ रुपये सरप्लस का लक्ष्य था। मंदी की मार के बावजूद लालू बजट पेश करने के दौरान अपने किराये न बढ़ाने के संकल्प पर कायम रहे।ड्ढr ड्ढr इस संकल्प के पीछे आम चुनाव का दबाव भी बजट में साफ दिखा। लगातार छठी बार उन्होंने यात्री किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की। सपनों के सौदागर लालू ने बुलेट ट्रेन से लेकर रल सुरक्षा और खानपान की क्वालिटी सुधारने के सपने भी दिखाये। उन्होंने भागलपुर तथा थावे में नए रेल मंडल बनाने तथा दिल्ली-पटना के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की दिशा में कदम बढ़ाने की बात कही। रल मंत्री ने सभी वातानुकूलित मेल, पैसेंजर गाड़ियों के किराए में दो प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की। उन्होंने 43 नई गाड़ियां चलाने और 14 गाड़ियों के फेरे में वृद्धि की भी घोषणा की। 14 नई रेल लाइनों के लिए सर्वेक्षण कराने का ऐलान किया। उन्होंने तीन लाइनों के आमान परिवर्तन, आठ रेल लाइनों के दोहरीकरण तथा 14 रेलगाड़ियों के मार्ग के विस्तार का भी वायदा किया। दस किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए सभी श्रेणियों में प्रति यात्री पचास रुपये की लागत तक के किराए में दो प्रतिशत की कटौती की गई है।

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  • Web Title: बुलेट ट्रेन से बैलेट पर निशाना