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दुर्गावती परियोजना में सरकार की तेजी

लोकसभा चुनाव एवं विधानसभा के आगामी सत्र के मद्देनजर दुर्गावती परियोजना का निर्माण शुरू करने को लेकर राज्य सरकार ने तेजी दिखानी शुरू कर दी है। सूबे के जल संसाधन विभाग और पर्यावरण एवं वन विभाग के आला अधिकारियों की बैठक में कागजी प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर स्थल पर निर्माण शुरू कराने का निर्णय किया गया है। काम में देरी को लेकर जल संसाधन मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने दोनों विभागों के आला अधिकारियों की खबर ली है। उनके निर्देश के बाद आनन-फानन में वन विभाग के अधिकारी परियोजना प्रस्ताव का जमीनी सत्यापन कर वापस पटना लौट आये हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो सोमवार को परियोजना प्रस्ताव सरकार को सौंपे जाने की पूरी संभावना है। सरकार का लक्ष्य इसी वित्तीय वर्ष में दुर्गावती परियोजना का निर्माण शुरू करने का है। परियोजना पूरी होने के बाद कैमूर और रोहतास जिले और उसके आस-पास के 42 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की माकूल व्यवस्था होगी। इससे लाखों किसानों को सीधा फायदा होगा। पिछले विधानसभा सत्र के दौरान कैमूर और रोहतास जिलों के विधायकों एवं विधान पार्षदों ने परियोजना निर्माण शीघ्र शुरू करने को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला था। सूबे की अति महत्वाकांक्षी और विवादों से घिरी दुर्गावती परियोजना पिछले 33 वर्षो से निर्माण की बाट जोह रही है। परियोजना पर अबतक 350 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इस परियोजना से बिहार के बड़े हिस्से को सूखे से स्थायी निजात मिलेगी। दरअसल इस परियोजना को सितम्बर 2006 में ही पूरा होना था, लेकिन वन विभाग के पूर्व के अधिकारियों के पेंच के कारण पूरी परियोजना राजनीति की भेंट चढ़ गई थी। पिछले वर्ष अक्तूबर में सुप्रीम कोर्ट ने परियोजना को क्लीन चिट दी थी। तभी से निर्माण शुरू करने के कयास लगाये जा रहे थे।ं

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