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प्यार जीता, परिवार हारा

आखिर प्रेम दिवस पर माधुरी का संसार प्रेम में परिणत हो गया। प्रेम विवाह के बाद ससुराल वालों के भारी विरोध का सामना कर रही माधुरी के प्रेम एवं व्यवहार का रंग ऐसा चढ़ा कि दोनों को परिानों ने सहर्ष अपना लिया। इतना ही नहीं खुशी के इस पल को बांटने के लिए कई तरह की तैयारियां भी शुरू हो गईं हैं। वैलेंटाइन डे पर एक ही दिन में बदले प्रेम विवाह के इस स्वरूप ने ग्रामीणों में भी प्रेम का अनूठा पैगाम भर दिया। वैलेंटाइन डे के दो दिन पूर्व शादी कर घोड़ा टाप गांव में लौटे दूल्हा कमलेश व दुल्हन माधुरी इसे भगवान की कृपा मान रहे हैं। इस बाबत कमलेश के पिता चंद्रमा यादव ने बताया कि दुल्हन के आने की खुशी में विशेष तैयारी की जाएगी। हालांकि उन्हें इस बात का मलाल भी था कि इकलौता बेटा कमलेश अच्छी तालीम हासिल करने के बाद अपनी प्रेमिका से शादी रचाता तो यह खुशी दोगुनी हो जाती। लेकिन मेर परिवार ने दोनों को भरपूर खुशी देने का मन बना लिया है। दूल्हे मियां की छोटी बहन रांु अपनी भाभी की बड़ाई में चहकती नजर आई। रांु ने कहा कि भइया ने प्रेम विवाह के माध्यम से भाभी से शादी रचाई है उसे हम उतनी ही खुशियां देंगे जितनी शादी के बाद दुल्हन को मिलता है। दुल्हन माधुरी भी परिवार के सदस्यों पर अपने प्यार को न्योछावर करने की बात कहती हुई फुले नहीं समा रही है। उसका कहना था कि पति के अलावा ससुराल के हर सदस्य का आदर सत्कार करना परम धर्म है। विवाह के दो दिन बाद तक चले इस घटना क्रम में ग्रामीणों में भी खासी चहल-पहल दिखी। लोगों क ो तब राहत मिली जब वर-वधु के स्वागत समारोह एवं प्रीति भोज के आयोजन की खबर उन्हें मिली।

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