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हर जगह चुनावी विश्लेषणों का दौर

बिहटा बाजार में शाम ढलते ही चौक चौराहों एवं चाय से लेकर मिठाई की दुकानों तक विभिन्न पार्टी के कार्यकर्ता एवं अन्य लोग चुनावी विश्लेषण में जुटे रहे। कुछ लोगों ने तो पाटलिपुत्र लोक सभा से अपने उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित बताते हुए जमकर मिठाइयां भी बांटीं। वहीं एक बुजुर्ग कार्यकर्ता सह तथाकथित विश्लेषक अपनी पॉकेट से सूची निकालते हुए बताते हैं कि सभी मतदान केन्द्रों का लेखा-जोखा मेर पास है। रंजन यादव (नीतीश) पाटलिपुत्र के सभी क्षेत्रों में आगे हैं। तभी पलट जवाब देते हुए एक कार्यकर्ता कह बैठता है कि फलां फलां बूथ किसके कब्जे में था। कुछ जानकारी है नहीं झूठ मूठ का दावा करते फिर रहे हैं। परिणाम तो 16 जून को आएगा ही इस पर तीसर ने कहा एवं इच्छा जाहिर की कुछ खाने पीने की व्यवस्था भी है या सिर्फ मुफ्त में बकझक करने का है। इस तरह पूर बिहटा क्षेत्र में लोगों में दिनभर विश्लेषणों का दौर चलता रहा।ड्ढr ड्ढr बिक्रम (ए.सं.)। चुनाव खत्म होने के बाद शुक्रवार को विभिन्न दलों के कार्यकर्ता किस बूथ पर किस प्रत्याशी को कितने मत मिले, कौन जीत रहा है, कौन हार रहा है, इसी का आकलन करने मंे व्यस्त दिखे। शांतिपूर्ण ढंग से क्षेत्र में संपन्न हुए मतदान की भी चर्चा लोगों की जुबान पर रही। दानापुर (हि.प्र.)। शुक्रवार को शहर में चुनाव की खुमारी लोगों पर छायी रही। जो जहां थे वहीं चुनावी चर्चा में व्यस्त थे। चौक-चौराहों, चाय दुकानों से लेकर कार्यालयों में भी फलनवां नेता को जिताने और फलनवा गठबंधन की सरकार बनाने की कवायद लगायी जा रही थी। उस पर बिजली की आंखमिचौनी जारी थी। बावजूद गर्मी की तपिश में भी चुनावी गर्मी हावी थी। कार्यालय में उपस्थिति कम थी। लोग भी कम आये थे। कर्मचारी भी चुनावी समीकरण बैठाने में अपना ज्यादा समय बर्बाद किये। कोई लालू प्रसाद को जीत का माला पहना रहा था तो कोई रांन यादव को। तो कोई सरकार बनवाने के लेकर परशान दिखा। सुबह और शाम में चाय दुकानों पर शांतिपूर्ण मतदान को लेकर विशेष चर्चा छिड़ी हुई थी। कई लोग इस बार हुए चुनाव पर कुछ भी कहने से इंकार कर रहे थे। बीच-बीच मंे बिजली की आंख मिचौनी की चर्चा हो जाती थी।

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