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यूपीए: एक साथ कई ठोंक रहे ताल

सूबे की 15 लोकसभा सीटों पर बिहार यूपीए में मारामारी है। इन सीटों को लेकर राजद, लोजपा, कांग्रस और एनसीपी के नेताओं की अपनी-अपनी दावेदारी है। राजद की नौ सीटिंग और कांग्रेस की एक सीट पर लोजपा ने दावेदारी जता दोनों दलों की नींद उड़ा दी है। वहीं परिसीमन के बाद क्षेत्र और सामाजिक संरचना में हुए भारी बदलाव के बाद कांग्रस ने भी राजद की तीन सीटों, लोजपा की दो और एनसीपी की एक (कुल-6) सीट पर अपने दावेदारी पेश कर यूपीए में एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है।ड्ढr ड्ढr हालांकि वाम दलों के अलग मोर्चा बना लेने से इन दलों को थोड़ी राहत मिली है। पिछली बार भागलपुर सीट माकपा के जिम्मे थी जिसपर अब यूपीए के दल चुनाव लड़ सकते हैं। लोजपा की दावेदारी से राजद के नौ बड़े नेताओं के पेशानी पर बल पड़ रहे हैं। इसमें तीन केन्द्रीय मंत्री भी शामिल हैं। लोजपा की दावेदारी में राजद की खगड़िया, गया, आरा, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, शिवहर, जहानाबाद, नवादा, और समस्तीपुर सीटें है। वतर्मान में मोतिहारी से केन्द्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह, बेतिया से केन्द्रीय मंत्री रघुनाथ झा, आरा से केन्द्रीय मंत्री कांति सिंह, खगड़िया से रवीन्द्र कुमार राणा, गया से राजेश कुमार मांझी, नवादा से वीरचन्द्र पासवान, शिवहर से सीताराम सिंह, समस्तीपुर से आलोक कुमार मेहता और जहानाबाद से गणेश प्रसाद सिंह राजद के सांसद है।ड्ढr ड्ढr परिसीमन से बदले नये माहौल में वामीकिनगर से राजद सांसद रघुनाथ झा और उजियारपुर से आलोक कुमार मेहता की दावेदारी मजबूत है। ऐसे में इन सीटों पर लोजपा की दावेदारी से राजद की नींद उड़नी तय है। यही नहीं लोजपा ने कांग्रस की सीट बेगूसराय पर भी अपनी दावेदारी जता प्रदेश कांग्रस के नेताओं पर पलटवार किया है। दरअसल प्रदेश कांग्रस ने आलाकमान के समक्ष जिन 14 सीटों पर लड़ने की अपनी दावेदारी पेश की है उसमें लोजपा की दो सीट शामिल है। पिछले चुनाव में लोजपा के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर एनडीए से लड़ाई की थी।ड्ढr ड्ढr अररिया से लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान के निकट संबंधी राम सेवक हजारी और पूर्णिया से पप्पू यादव ने चुनाव लड़ा था। यही नहीं एनसीपी की दावेदारी वाले सबसे मजबूत सीट कटिहार से भी कांग्रस ने अपनी दावेदारी जताकर एक नई मुश्किल खड़ी कर दी है। साथ ही राजद की महाराजगंज, बक्सर और मुजफ्फरपुर सीट पर भी कांग्रस लड़ने को तैयार है। ऐसे में बिहार एनडीए पर लगाम लगाने के लिए एकजुट यूपीए की उम्मीदों पर पानी पड़ता दिख रहा है। लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवास स्पष्ट कह चुके हैं कि यूपीए के बैनर तले उनकी पार्टी बिहार में 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ऐसा नहीं होने पर लोजपा के 40 सीटों पर उम्मीदवार तय हैं। वहीं कांग्रस के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा ने कहा है कि वर्ष 2004 के चुनाव परिणामों को वर्तमान में तालमेल का आधार नहीं बनाया जा सकता है।ड्ढr ड्ढr केन्द्र की यूपीए सरकार के कार्यो एवं नेतृत्व की लोकप्रियता बढ़ी है। ऐसे में नये परिवेश में कांग्रस ने अपनी चार सीटों के साथ ही एनडीए की जीती हुई 10 सीटों पर भी दावेदारी जतायी है। अब कांग्रस आलाकमान को तय करना है कि प्रदेश कांग्रस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। दूसरी तरफ राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा है कि बिहार में यूपीए मजबृूती से चुनाव लड़े इसकी कोशिश जारी है।ं

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