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अंतरिम बजट से संतुष्ट उद्योग जगत को पूर्ण बजट से उम्मीदें

संसद में आगामी वित्त वर्ष के लिए सोमवार को पेश अंतरिम बजट से उद्योग जगत संतुष्ट नजर आया। उद्योग जगत का मानना है कि बजट में आर्थिक रफ्तार को केन्द्रित किया गया है और इस बात के स्पष्ट संकेत है कि मांग बढ़ाने के लिए पूर्ण बजट में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। भारतीय वाणिय एवं उद्योग मंडल महासंघ (फिक्की) के अध्यक्ष हर्ष पति सिंघानियां ने अंतरिम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इसने अगली सरकार के संदेश को स्पष्ट किया है और इससे यह आभास मिलता है कि आम चुनाव के बाद अर्थव्यवस्था को गति पकड़ाने के लिए क्या कदम उठाने की जरूरत पड़ेगी। सिंघानिया ने कहा कि बजट पेश होने से पहले फिक्की ने विकास रफ्तार को केन्द्र बनाने की वकालत की थी, जिससे मांग बढ़ाने के लिए लोगों के हाथ में अधिक से अधिक पैसा उपलब्ध हो। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बजट में इसके कई संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुखजी ने बजट भाषण में कहा है कि संकट के समय में कर की दरों को नीचे लाया जाना चाहिए और यह केन्द्र में आने वाली नई सरकार की सोच को दर्शाता है। एसोसिएटिड चैम्बर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ऑफ इंडिया (एसोचैम) के अध्यक्ष सजन जिंदल ने कहा है कि अंतरिम बजट के जरिए चुनाव के बाद बनने वाली नई सरकार द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का संकेत है, जिसके जरिए आर्थिक मंदी से निबटकर देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार पकड़ाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि उद्योग जगत को यह उम्मीद थी कि कोरपारेट टैक्स पर प्रभार को हटाकर नई कोरपोरेट टैक्स सीमा लगाई जाएगी, किंतु बजट में इस दिशा में कोई संकेत नहीं दिया गया है।

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  • Web Title: उद्योग जगत अंतरिम बजट से संतुष्ट